दिवंगत कारोबारी संजय कपूर के निधन के बाद आरके फैमिली ट्रस्ट के स्वामित्व और पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया है। संजय कपूर की मां, रानी कपूर ने प्रिया कपूर द्वारा ट्रस्ट से उन्हें हटाए जाने के प्रयासों को कड़ी चुनौती दी है। यह विवाद मुख्य रूप से उस संपत्ति और पारिवारिक ट्रस्ट पर नियंत्रण को लेकर है, जिसे रानी कपूर के दिवंगत पति ने स्थापित किया था। उन्होंने कहा है कि जिस घर (दिल्ली स्थित) को उन्होंने पेड़ के नीचे बैठकर बनवाया उसके बारे में उसे (प्रिया को) लगता है कि उसने हासिल कर लिया।
एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार रानी कपूर ने साफ किया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट पूरी तरह से उनके नाम पर है और इसे उनके दिवंगत पति ने बनाया था, जिन्होंने अपनी सारी संपत्ति उन्हें सौंप दी थी। उन्होंने बताया कि उनके पति की ओर से स्थापित इस व्यवसाय को बाद में बेटे संजय कपूर ने संभाला था। रानी कपूर के अनुसार, उन्होंने दिल्ली का घर पेड़ के नीचे बैठकर बनवाया था, जिस पर अब प्रिया कपूर नियंत्रण करना चाहती हैं। अपने बेटे के निधन के बाद से रानी कपूर दिल्ली से दूर हैं और संपत्ति हासिल करने के लिए प्रिया कपूर की ओर से उठाए जाने वाले कदमों को लेकर डरी हुई हैं।
पारिवारिक समझौते की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज करते हुए रानी कपूर ने खुद को परिवार का मुखिया बताया है। उन्होंने प्रिया कपूर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रिया केवल पैसों के लिए संजय कपूर के जीवन में आई थीं। रानी कपूर ने यह भी कहा कि संजय कपूर के जीवित रहते हुए प्रिया में विवाद करने की हिम्मत नहीं थी और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिया ने संजय को ब्लैकमेल किया था।
आरके फैमिली ट्रस्ट को लेकर यह विवाद स्पष्ट रूप से पारिवारिक संपत्ति और अधिकारों की लड़ाई में तब्दील हो चुका है। रानी कपूर का कड़ा रुख और समझौते से स्पष्ट इनकार दिखाता है कि ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर यह गतिरोध निकट भविष्य में सुलझने वाला नहीं है। रानी कपूर ने साफ कर दिया है कि वह अपनी मेहनत से बनाई गई संपत्ति के आस-पास भी प्रिया कपूर को नहीं देखना चाहती हैं।