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देश के अधिकांश शहरों में ज्वेलर्स की हड़ताल समाप्त

Tue, 12 Apr 2016 09:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • अगले कुछ दिनों में हड़ताल पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद
  • दिल्ली, मुंबई में कुछ प्रतिष्ठान खुले कुछ बंद
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ज्वैलर हड़ताल
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विस्तार
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गैर चांदी के आभूषणों पर 1 फीसदी उत्पाद कर लगाए जाने के बजट प्रस्ताव के बाद इसके विरोध में तकरीबन छह सप्ताह तक हड़ताल रखने के बाद मंगलवार को देश भर में बड़ी संख्या में ज्वेलरों और सर्राफा कारोबारियों ने अपनी दुकानें खोल लीं।
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दिल्ली और मुंबई के कुछ ज्वेलरी प्रतिष्ठानों में सामान्य कामकाज शुरू हो गया तो कुछ प्रतिष्ठान बंद रहे। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में ज्वेलरी की दुकानें खुली रहीं।

एसोचैम के नेशनल काउंसिल ऑन जेम्स अंड ज्वेलरी के चेयरमैन शंकर सेन ने कहा कि सरकार के इस आश्वासन के बाद कि अशोक लाहिड़ी समिति इन सभी मांगों पर विचार करेगी, अगले कुछ दिनों में ज्वेलर अपनी हड़ताल वापस ले सकते हैं। फिलहाल करीब 60 फीसदी ज्वेलर काम पर वापस आ चुके हैं। 
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सरकार ने मांगे नहीं मानी तो फिर से हड़ताल होगी

ज्वैलर्स - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान सर्राफा संघ के अध्यक्ष सुभाष मित्तल ने बताया कि उत्पाद कर को लागू किए जाने की प्रक्रिया के सरलीकरण के सरकारी आश्वासन के बाद राजस्थान
के ज्वेलर, सर्राफा कारोबारी और कारीगर काम पर वापस आ गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो राज्य के ज्वेलर फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बीच महाराष्ट्र के ज्वेलरों ने 14 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच अस्थायी तौर पर हड़ताल को वापस लिया है।

महाराष्ट्र राज्य सराफ सुवर्णकार फेडरेशन के अध्यक्ष फतेहचंद रांका ने बताया कि हम केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिल रहे हैं। हमारी मांग है कि उत्पाद कर के स्थान पर हमसे वैट पर 1 फीसदी का अतिरिक्त कर ले लिया जाए। हर एक सामान के विस्तृत विवरण रखने की कोई बाध्यता नहीं हो, पुराने सोने से बने आभूषणों पर कोई अतिरिक्त कर न हो और खुदरा प्रतिष्ठानों और उत्पादन केंद्रों की कोई जांच न हो। 
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