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JAL: जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए जयप्रकाश गौड़ ने जताया अदाणी समूह पर भरोसा, जानिए क्या कहा?

Fri, 10 Apr 2026 07:36 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए अदाणी ग्रुप पर पूरा भरोसा जताया है। वेदांता की 17,926 करोड़ की बोली, सुप्रीम कोर्ट के रुख और जेएएल की दिवाला समाधान प्रक्रिया से जुड़ी पूरी खबर।
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अदाणी प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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कर्ज के बोझ तले दबी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने अपनी कंपनी के अधिग्रहण के लिए सफल बोलीदाता के रूप में अदाणी समूह का समर्थन किया है। यह महत्वपूर्ण समर्थन ऐसे समय में सामने आया है जब प्रतिद्वंद्वी वेदांता लिमिटेड ने ऊंची बोली के बावजूद यह अधिग्रहण न मिलने पर कानूनी चुनौती दी हुई है।

कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स और समाधान प्रक्रिया

जेपी गौड़ ने साफ किया कि कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा आयोजित दिवाला समाधान प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही है। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में सीओसी ने लगभग 90 प्रतिशत वोटों के साथ जेपी एसोसिएट्स की संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी। इस वोटिंग में डालमिया सीमेंट और वेदांता ग्रुप ने भी बोली लगाई थी। इसके बाद, 17 मार्च को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की इलाहाबाद बेंच ने भी अदाणी की इस बोली पर अपनी मुहर लगा दी है।

वेदांता का दावा और कानूनी लड़ाई

इस अधिग्रहण प्रक्रिया में वेदांता लिमिटेड ने 17,926 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाई थी और अब कंपनी ने एनसीएलटी के फैसले को अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चुनौती दी है। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने दावा किया था कि जेपी गौड़ अपनी कंपनी को वेदांता के सुरक्षित हाथो' में सौंपना चाहते थे और वेदांता को एक एसेट की बोली जीतने की लिखित पुष्टि भी मिली थी, जिसे बाद में बिना कारण बताए पलट दिया गया। हालांकि, एनसीएलएटी और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने ही एनसीएलटी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।

अदाणी समूह के नेतृत्व पर संस्थापक का भरोसा

वेदांता के दावों के बीच, जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने कहा कि सीओसी का फैसला उन्हें पूरी तरह से स्वीकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि गौतम अदाणी के नेतृत्व में जेपी एसोसिएट्स की विरासत नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी। साथ ही, उन्होंने वेदांता ग्रुप को भी उनकी भागीदारी और रुचि के लिए धन्यवाद दिया। 

जेपी समूह के वित्तीय संकट पर क्या बोले गौड़?

साल 1979 में स्थापित जेपी एसोसिएट्स पर 57,185 करोड़ रुपये के कर्ज का डिफॉल्ट करने के बाद जून 2024 में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) शुरू किया गया था। जेपी गौड़ ने माना कि यह वित्तीय संकट घर खरीदारों, कर्मचारियों, भागीदारों और ऋणदाताओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी के पास बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, जेपी विश टाउन, जेपी ग्रीन्स व जेपी स्पोर्ट्स सिटी जैसी इंटीग्रेटेड टाउनशिप, दिल्ली-एनसीआर में पांच होटल और कमर्शियल स्पेस, और मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट प्लांट जैसी कई उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियां मौजूद हैं।

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