- चीन-भारत में तनाव
- अमेरिका के साथ भारत की व्यापारिक बातचीत
- एफपीआई निवेश जो जून में 21.23 हजार करोड़ रहा
- बेहतर मानसून से अच्छी फसल
ऐसे करें मुनाफावसूली
अभी शेयर 20 फीसदी तक गिरे हैं। अगर लंबे समय तक ब्लूचिप कंपनियों में निवेश कर रिटर्न का इंतजार कर सकते हैं तो बेहतर है, वरना दाम चढ़ते ही शेयर बेच देने चाहिए। -एके निगम, सीईओ बीपीएन फिनकैप
अमेरिकी शेयर बाजार का सबसे बड़ा सूचकांक एसएंडपी-500 भी मार्च के अपने निचले स्तर से करीब 44 फीसदी ऊपर आ चुका है, जो 90 वर्षों में सबसे तेज रिकवरी है। निचले स्तर पर खरीद करने वाले निवेशकों का मुनाफा भी 20 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इसमें अभी 15 फीसदी की तेजी और आने की संभावना है। हालांकि, अगर कोरोना जैसी कोई नई मुश्किल आती है तो यह 10 फीसदी टूट भी सकता है।
सोने से ज्यादा चांदी की चमक
कोरोना के समय वैश्विक और घरेलू बाजार में सोने की मांग काफी ज्यादा रही है। जनवरी से अब तक सोना 23 फीसदी रिटर्न दे चुका है, जो अभी 10 फीसदी तक और चढ़ सकता है। इस तरह दिसंबर तक सोना 55 हजार का आंकड़ा पार कर जाएगा।
चांदी इस दौरान ज्यादा मुनाफा दे सकती है। इसका बड़ा कारण लोगों के पास पूंजी की कमी है, जिसकी भरपाई के लिए लोग पुराना सोना बेचने लगे हैं। उन्हें अच्छी कीमत मिल रही है, जो आने वाले समय में सोने की बढ़ती रफ्तार को धीमा कर सकता है। वहीं, चांदी की मांग उद्योगों से लेकर आम लोगों तक बढ़ने की उम्मीद है जो 6 महीने में 25 फीसदी उछाल पा चुकी है।
- सोने-चांदी का मूल्य औसत घट रहा जो जनवरी के 123 फीसदी से 98 फीसदी हो गया है
- सोलर पैनल और ऊर्जा की बढ़ती मांग चांदी की खपत बढ़ाएगी
- लॉकडाउन के बाद उद्योगों में तेजी का अनुमान
- संक्रमण से कई खदानें बंद हुईं और आपूर्ति घटी
65 हजार तक जाएगी चांदी...
साल के आखिर तक चांदी 65 हजार रुपये प्रति किलो तक जा सकती है। निवेशकों के लिए सही समय है। -अजय केडिया, एमडी, केडिया एडवाइजरी