जेट एयरवेज के जमीन पर आने से उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी इंडिगो एयरलाइंस को पांच गुना मुनाफा हुआ। कंपनी ने सोमवार को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजों को घोषित किया। इंडिगो की मूल कंपनी इंटर ग्लोब एविएशन ने कहा कि जनवरी-मार्च 2019 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 589.6 करोड़ रुपये हो गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 117.6 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
इस वर्ष की शुरुआत में ही जेट का संकट गहराने लगा था और 17 अप्रैल को कंपनी ने अपनी सेवाएं अस्थाई तौर पर बंद कर दी थी। हालांकि जेट के विमानों की संख्या इस साल की शरुआत से कम होती गई, जिससे किराया महंगा होता गया और इसका लाभ भी इंडिगो और अन्य विमानन कंपनियों को हुआ।
सस्ती विमानन सेवा देने वाली कंपनी ने कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2018-19 में शुद्ध लाभ 156.1 करोड़ रुपये रहा जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 2,242.4 करोड़ रुपये के मुकाबले 93 फीसदी कम है।
इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रानोजॉय दत्ता ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2018-19 एयरलाइन उद्योग के लिये कठिन वर्ष रहा। इसका कारण ईंधन की ऊंची कीमत, रुपये की विनिमय दर में गिरावट तथा कड़ी प्रतिस्पर्धा का माहौल रहा। ’उन्होंने कहा कि वह भविष्य के लिये उत्साहित हैं और लाभदायक वृद्धि के कई अवसरों को देख रहे हैं।
कमाई के लिए एयरफेयर को बड़ा मानक माना जाता है। इस तिमाही के दौरान इंडिगो ने अपने किरायों में लगभग 12 फीसदी की बढ़ोतरी की। प्रति किलोमीटर प्रति सीट रेवेन्यू की बात करें तो यह 5.9 फीसदी की ग्रोथ के साथ 3.63 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। इंटरग्लोब ने कहा कि कंपनी को वित्त वर्ष 2020 के दौरान उपलब्ध सीट पर प्रति किलोमीटर रेवेन्यू में 30 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है।