डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार व्यापारी व ग्राहक दोनों को डिजिटल लेनदेन पर लगने वाले शुल्क से मुक्त करने जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय की सचिव अरुणा सुंदरराजन ने बताया कि जल्द ही सरकार की तरफ से इस फैसले की घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि देश की सभी फेयर प्राइस दुकानों में आधार लिंक ट्रांजेक्शन सुविधा बहाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सुंदरराजन ने बताया कि डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार सिर्फ ग्राहकों को ही नहीं बल्कि व्यापारियों को भी डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौरान लगने वाले शुल्क में पूरी तरह छूट देने जा रही है। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति पेट्रोल पंप पर 100 रुपये का पेट्रोल लेता है, लेकिन डिजिटल भुगतान करने पर उसे 101 या 102 रुपये का भुगतान करना पड़े तो वह डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित नहीं होगा। वैसे ही व्यापारियों को भी डिजिटल लेनदेन करने पर 1.5-2 फीसदी का शुल्क देना होता है।
उन्हें भी सरकार इस प्रकार के शुल्क से मुक्त करने जा रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार इसकी घोषणा कर सकती है। जरूरत पड़ने पर इस मामले को कैबिनेट के समक्ष लाया जा सकता है। सुंदरराजन ने बताया कि सरकार का मकसद है कि डिजिटल लेनदेन के मामले में व्यापारियों को इस प्रकार की छूट देकर उन्हें लेवल प्लेइंग फील्ड मुहैया कराई जाए। उन्होंने बताया कि बड़े शहरों में हर छोटी-बड़ी दुकानों में डिजिटल भुगतान के प्रचलन की शुरुआत के लिए अगले मार्च तक 10 लाख प्वॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) लगाए जाने की संभावना है।