देश के सर्राफा बाजारों में नोटबंदी के बाद से भय का माहौल है और बिक्री नाममात्र की रह गई है। वहीं अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अधिक निवेश करने, अमेरिकी फेडरल की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी व भारत में सोने की मांग में हो रही गिरावट को देखते हुए सोने के भाव आगामी फरवरी-मार्च तक 25,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आने का अनुमान है।
कारोबारी कहते हैं कि अमेरिका की नई नीतियों की वजह से सोने को छोड़ अन्य सभी धातुओं के दाम में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। गौरतलब चीन के बाद भारत सोने की खपत करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।
सर्राफा दुकानों के वीडियो फुटेज खंगाल रहा आयकर
income tax department
नोटबंदी के बाद पुराने नोट से जमकर सोने व चांदी की खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब सर्राफा दुकानों के वीडियो फुटेज को खंगाला जा रहा है। वहीं गत 8 नवंबर की रात के बाद से की गई बिक्री की बिलिंग की भी सघन पड़ताल की जा रही है।
सरकार की तरफ से सख्त कार्रवाई के अंदेशे के बीच फिलहाल सर्राफा बाजार की रौनक खत्म हो गई है। बिक्री का आलम यह है कि इक्का-दुक्का खरीददार ही सर्राफा बाजार में नजर आ रहे हैं।
बिलिंग करने के समय की हो रही पड़ताल
ज्वेलर्स
- फोटो : amar ujala
कई सर्राफा कारोबारियों ने 8-9 नवंबर के दिन अपनी भारी बिक्री दिखाई है। उनके बिलिंग से इस बात की जांच की जा रही है क्या इससे पहले भी किसी दिन उन्होंने इतनी अधिक बिक्री की है।
जेम्स व ज्वैलरी फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन मनीष जैन ने बताया कि मान लीजिए अगर किसी कारोबारी ने 8-9 नवंबर की रात 50 लाख रुपये का कारोबार किया तो कम से कम साल में एक-दो बार उनकी ऐसी बिक्री और भी होनी चाहिए।
बिलिंग की जांच के लिए यह भी देखा जा रहा है कि रात में कितने लोग आए और एक बिल बनाने में लगने वाले समय के सात बिल की संख्या मेल खा रही है या नहीं।