पश्चिम में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जंग का सीधा असर अब सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने के लिए दिए गए सख्त अल्टीमेटम की समय सीमा से पहले ही ईरान पर हमले तेज कर दिए गए हैं। इस दौरान निवेशक भी सतर्कता बरतते दिखे रहे हैं। इसके असर से दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में मंगलवार को कीमती धातुओं के दाम दबाव में नजर आए:
सर्राफा बाजार में इस हलचल का मुख्य कारण वैश्विक कूटनीतिक तनाव है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि, "सोने की कीमतों पर दबाव तब आया जब ट्रम्प ने ईरान को एक नया अल्टीमेटम जारी किया"।
एक तरफ जहां सर्राफा बाजार सुस्त है, वहीं इन तल्ख बयानों और सैन्य टकराव की चिंताओं ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 3.08 प्रतिशत की उछाल के साथ 115.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, और ब्रेंट क्रूड भी 1 प्रतिशत चढ़कर 110.80 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
आने वाले दिनों में कमोडिटी मार्केट की चाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। विश्लेषकों का अनुमान है कि सर्राफा बाजारों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी रहने की उम्मीद है। अब बाजार के जानकारों और निवेशकों की नजरें नए संकेतों के लिए मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों के मूवमेंट और अमेरिका के आगामी मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा पर टिकी होंगी।