इस महीने आई तेजी के बाद आज भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 47,352 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी वायदा 0.7 फीसदी गिरकर 68223 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
वैश्विक बाजारों में इतनी रही कीमत
वैश्विक बाजारों में, कमजोर डॉलर से सोने को समर्थन मिला। हाजिर सोना 0.1 फीसदी उपर 1,777 डॉलर प्रति औंस पर रहा। डॉलर इंडेक्स 0.13 फीसदी बढ़कर 91.66 पर आ गया, लेकिन यह एक महीने के निचले स्तर के पास है। कमजोर डॉलर अन्य मुद्रा धारकों के लिए सोने को कम महंगा बनाता है। अन्य कीमती धातुओं में, चांदी 0.6 फीसदी गिरकर 25.81 डॉलर पर रही, जबकि प्लैटिनम 1,203.61 डॉलर पर स्थिर हो गया।
बीते वित्त वर्ष 2.54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा सोने का आयात
बीते वित्त वर्ष 2020-21 में सोने का आयात 22.58 फीसदी बढ़कर 34.6 अरब डॉलर या 2.54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सोने का आयात चालू खाते के घाटे (CAD) को प्रभावित करता है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार घरेलू मांग बढ़ने से सोने का आयात बढ़ा है। वित्त वर्ष के दौरान चांदी का आयात 71 फीसदी घटकर 79.1 करोड़ डॉलर रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में सोने का आयात 28.23 अरब डॉलर रहा था। सोने के आयात में बढ़ोतरी के बावजूद बीते वित्त वर्ष में देश का व्यापार घाटा कम होकर 98.56 अरब डॉलर रह गया। 2019-20 में यह 161.3 अरब डॉलर रहा था। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद (जीजेईपीसी) के चेयरमैन कोलिन शाह ने कहा कि घरेलू मांग बढ़ने से सोने का आयात बढ़ रहा है।
सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है भारत
भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक देश है। मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए सोने का आयात किया जाता है। मात्रा के हिसाब से भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है। मालूम हो कि सरकार ने बजट में सोने पर आयात शुल्क 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है।
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