देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण विदेशी बाजारों में कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। सोना 3,000 रुपये सस्ता होकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी 10,500 रुपये गिरकर दो महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि घरेलू बाजारों में सोने की कीमतें मंगलवार को कम रहीं। इसका मुख्य कारण मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें हैं। ये कारक कीमती धातुओं पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। विश्लेषकों ने कहा कि मजबूत डॉलर कीमती धातुओं के लिए प्राथमिक चुनौती बनकर उभरा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में वृद्धि की चिंताओं से कमोडिटीज दबाव में हैं।
डॉलर सूचकांक लगातार छठे सत्र में बढ़कर 101.15 पर पहुंच गया। यह मई 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। व्यापारियों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा एक और दर वृद्धि की संभावना को तेजी से शामिल किया है। इसी कारण डॉलर में मजबूती देखी जा रही है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चेनवाला ने कहा कि सोमवार को अमेरिकी-ईरान वार्ता में प्रगति से कच्चे तेल पर दबाव पड़ा था। इससे कीमती धातुओं में मामूली वृद्धि हुई थी। हालांकि, दर वृद्धि की उम्मीदों ने फिर से अपना प्रभुत्व जमा लिया। उन्होंने बताया कि सोने की कीमतें दबाव में रहने की संभावना है। व्यापारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के भाषणों का इंतजार कर रहे हैं। इससे मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण पर नई दिशा मिल सकती है।