त्योहारों के इस मौसम में भारत में सोने की चमक फीकी रही। मांग कम होने के कारण सोने की ब्रिकी में 40 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देश भारत में इसकी कीमत पिछले महीने रिकॉर्ड पर पहुंच गई। लेकिन, नकदी प्रवाह में कमी के कारण लोगों ने खरीदारी में कम रूचि दिखाई।
सितंबर में भारत का सोने का आयात पिछले तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया। इसका कारण यह बताया गया कि ज्वैलर्स ने मांग कम होने के कारण अपनी खरीदारी में कटौती की थी।
आमतौर पर भारत में यह माना जाता है कि धनतेरस और दीपावली के आसपास सोने की बिक्री ज्यादा होती है। लेकिन एक अनुमान के अनुसार, इस साल धनतेरस में सोने की बिक्री 40 फीसदी कम हुई है।
इस धनतेरस में दिल्ली में सोने की कीमत 39240 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई जबकि साल 2018 में धनतेरस के दौरान सोने की कीमत 32690 रुपये थी।
खुदरा व्यापारियों के संगठन के अनुसार इस साल धनतेरस में करीब 6,000 किलो सोने की बिक्री हुई। वहीं 2018 में धनतेरस पर 17,000 किलो सोने की बिक्री हुई थी।
स्वर्ण व्यापारियों के अनुसार, इस साल का धनतेरस पर व्यापार पिछले 10 साल में सबसे अधिक खराब रहा।