स्टॉकिस्टों की ताजा बिकवाली के कारण दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर से गिरकर 200 रुपये की गिरावट के साथ 1,07,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाली इस बहुमूल्य धातु की कीमत भी 200 रुपए की गिरावट के साथ 1,06,800 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई।
इस बीच, चांदी भी बिकवाली के दबाव में रही और 1,000 रुपये की गिरावट के साथ 1,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। शनिवार को यह सफेद धातु 1,27,000 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस बीच, वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में शुरुआती गिरावट के बाद तेजी से उछाल आया और वे नए शिखर पर पहुंच गए।
एमसीएक्स पर अक्तूबर डिलीवरी वाले कीमती धातु वायदा भाव 447 रुपये या 0.41 प्रतिशत बढ़कर 1,08,175 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। इसी प्रकार, दिसंबर वायदा भाव भी 370 रुपये या 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.09 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया।
वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना 35.11 डॉलर यानी 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,621.92 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गया। इसके अलावा, कॉमेक्स सोना वायदा दिसंबर डिलीवरी के लिए 3,662 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की शोध विश्लेषक (कमोडिटीज एवं करेंसी) रिया सिंह ने कहा, "सोने में रिकॉर्ड तेजी जारी रही और हाजिर भाव 3,600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गए तथा वायदा भाव 3,650 डॉलर प्रति औंस को पार कर गए। फेडरल रिजर्व की नरम रुख वाली उम्मीदों और अमेरिकी श्रम बाजार के कमजोर आंकड़ों के कारण सोने में तेजी को बल मिला।"
सिंह ने आगे कहा कि कीमती धातु, जो सप्ताह के दौरान 3,450 डॉलर प्रति औंस से नीचे खुली थी, लेकिन तेजी से पिछले 3,500 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर को पार कर गई, सितंबर के पहले सप्ताह में 4 प्रतिशत से अधिक बढ़ी और वर्ष-दर-वर्ष 36 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
उन्होंने कहा, "रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण सुरक्षित आश्रयों का प्रवाह और बढ़ गया है, जिससे लम्बे समय तक संघर्ष की चिंता बढ़ गई है।" हाजिर चांदी 0.56 प्रतिशत बढ़कर 41.23 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक बाजारों में कॉमेक्स चांदी वायदा 0.67 प्रतिशत बढ़कर 41.83 डॉलर प्रति औंस हो गया।
ऑग्मोंट में अनुसंधान प्रमुख रेनिशा चैनानी ने कहा, "चांदी को भी समर्थन मिल रहा है क्योंकि वृहद आर्थिक वृद्धि ने एक तंग भौतिक बाजार को पूरा किया है, जहां सौर, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स की औद्योगिक मांग बढ़ रही है, जबकि आपूर्ति सीमित बनी हुई है।"
चैनानी ने आगे कहा कि निवेशक अमेरिकी मुद्रास्फीति रिपोर्ट (उत्पादक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। इससे यह निर्धारित होगा कि फेड की बैठक से पहले बुलियन की कीमतों में उछाल जारी रहेगा या नहीं।