घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। बुधवार को वायदा कारोबार में सोना 10 ग्राम के भाव 1,38,676 रुपये तक पहुंच गया, जबकि वैश्विक बाजार में इसकी कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई। निवेशकों की नजरें अमेरिका में मौद्रिक नीति में और नरमी की उम्मीदों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों पर टिकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने के वायदा भाव चौथे दिन चढ़े और 49.4 डॉलर या 1.10 फीसदी की बढ़त के साथ 4,555.1 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गए। वहीं, चांदी का मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट 1.61 डॉलर या 2.23 फीसदी चढ़कर 72.75 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा कि सोने में यह उछाल अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा आगे भी ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों की वजह से आया है।
विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर होता अमेरिकी डॉलर, लगातार वैश्विक अनिश्चितता और गोल्ड ईटीएफ में मजबूत निवेश प्रवाह ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूत बनाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,500 डॉलर के ऊपर निकल गया है, जबकि घरेलू बाजार में कीमतें 1,40,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई हैं।
जानकारों के मुताबिक, 2025 में सोने की कीमतों में करीब 70 फीसदी की बढ़त देखी जा रही है, जो 1979 के बाद की सबसे मजबूत सालाना तेजी मानी जा रही है। आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक तनाव बने रहने की स्थिति में कीमती धातुओं में यह मजबूती आगे भी जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।