मजबूत वैश्विक मांग के बीच सोने की कीमत बढ़कर 1,30,638 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं चांदी वायदा भाव घटकर 1,82,600 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की साल की अंतिम नीतिगत बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से सोने की मांग बढ़ी।
पिछले सप्ताह, चांदी में 958 रुपये या 0.74 प्रतिशत की तेजी आई। हालांकि, चांदी वायदा भाव 808 रुपये या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,82,600 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया जिसमें 14,281 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि चांदी, जो पिछले सप्ताह 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ी थी, में सप्ताह के आरंभ में कुछ मुनाफावसूली देखी गई, लेकिन लंदन और चीन में भंडार कम होने व 2026 तक संरचनात्मक घाटे के बने रहने की आशंका के कारण इसमें मजबूती बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि मजबूत औद्योगिक मांग, सुरक्षित निवेश प्रवाह और जुलाई के बाद से उच्चतम साप्ताहिक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) प्रवाह ने सफेद धातु में तेजी की गति को मजबूत किया है। मोदी ने कहा कि कुल मिलाकर, कीमती धातुओं में मजबूती रही, क्योंकि बाजार में वर्ष की अंतिम नीति बैठक से पहले फेड द्वारा नीतिगत दरों में ढील दिए जाने की संभावना बढ़ गई थी।
उन्होंने इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान न केवल फेड की अंतिम नीति बैठक पर होगा, बल्कि अमेरिकी फैक्ट्री ऑर्डर और अन्य महत्वपूर्ण वृहद आर्थिक आंकड़ों पर भी होगा। हालांकि, फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के भाषण तक व्यापारी सतर्क रहेंगे, क्योंकि रुख में कोई भी बदलाव बुलियन कीमतों में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, सोने में स्थिरता बनी रही क्योंकि निवेशक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले का इंतजार कर रहे हैं। कॉमेक्स पर, फरवरी डिलीवरी वाला सोना वायदा 4,244.2 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर कारोबार कर रहा था। पिछले सप्ताह इस बहुमूल्य धातु की कीमत में 11.9 डॉलर या 0.28 प्रतिशत की गिरावट आई।
मार्च 2026 अनुबंध के लिए कॉमेक्स चांदी वायदा 0.54 प्रतिशत गिरकर 58.73 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया। शुक्रवार को यह सफेद धातु 2.4 डॉलर या 4.19 प्रतिशत बढ़कर 59.90 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। पिछले सप्ताह चांदी वायदा भाव 1.89 डॉलर या 3.30 प्रतिशत बढ़ा था।