कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से देश का प्राकृतिक गैस का उत्पादन अप्रैल में 18.6 फीसदी घट गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में गैस उत्पादन 2.16 अरब घन मीटर रहा, जो इससे पिछले साल के समान महीने के 2.65 अरब घनमीटर से 18.6 फीसदी कम है।
ओएनजीसी के उत्पादन में भारी गिरावट
देश की सबसे बड़ी गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी के उत्पादन में भारी गिरावट से कुल उत्पादन घटा है। समीक्षाधीन महीने में ओएनजीसी का गैस उत्पादन 15.3 फीसदी घटकर 1.72 अरब घनमीटर रहा। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 की वजह से ग्राहकों द्वारा गैस का उठाव घटाने से तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के गैस उत्पादन में कमी आई है।
कच्चे तेल का उत्पादन भी हुआ कम
सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लिमिटेड का गैस उत्पादन भी 10 फीसदी घटकर 20.20 करोड़ घनमीटर रह गया। समीक्षाधीन महीने में देश में कच्चे तेल का उत्पादन 6.35 फीसदी घटकर 25 लाख टन रहा। ओएनजीसी का कच्चे तेल का उत्पादन अप्रैल में मामूली गिरावट के साथ 17 लाख टन रहा।
वहीं निजी क्षेत्र की कंपनियों मसलन केयर्न के परिचालन वाले क्षेत्रों से उत्पादन 19.2 फीसदी घटकर 6,15,800 टन रह गया। आंकड़ों के अनुसार, केयर्न का राजस्थान क्षेत्र का उत्पादन 19.2 फीसदी घटकर 4,90,560 टन रह गया।
मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से वाहन कम चले। इस वजह से रिफाइनरियों ने अप्रैल में 30 फीसदी कम यानी 1.89 करोड़ टन ईंधन का उत्पादन किया। मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन में कमी की प्रमुख वजह कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते मांग में भारी गिरावट आना है।
क्रूड आयात में 10 महीने में सबसे बड़ी गिरावट
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस की वेबसाइट पर उपलब्ध डाटा के अनुसार, अप्रैल में देश में क्रूड ऑयल के आयात में 12.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान 172.8 लाख टन क्रूड ऑयल का आयात किया गया। जून 2019 के बाद क्रूड आयात में 10 महीने में यह सबसे बड़ी गिरावट है।
फ्यूल की मांग में 45 फीसदी तक की गिरावट
पिछले महीने तेल उत्पादों के आयात में 6.5 फीसदी की गिरावट रही है। 33.5 लाख टन अन्य तेल उत्पादों का आयात किया गया है। वार्षिक आधार पर इसमें 16 महीने की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लॉकडाउन की वजह से देश में फ्यूल की मांग में 45 फीसदी तक की गिरावट रही है।
रिफाइंड प्रोडक्ट के निर्यात में अक्तूबर 2016 के बाद सार्वाधिक वृद्धि
निर्यात की बात करें, तो पिछले साल के मुकाबले अप्रैल 2020 में रिफाइंड प्रोडक्ट का निर्यात 37 फीसदी बढ़ा है। इस साल भारत से 60.4 लाख टन रिफाइंड प्रोडक्ट का निर्यात किया गया है। यह अक्तूबर 2016 के बाद सबसे अधिक वृद्धि है। डीजल के निर्यात में 68 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।