चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 28 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल-जून तिमाही में 1.17 लाख करोड़ रुपये यानी 16.33 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। वहीं पिछले साल समान अवधि में 91 हजार करोड़ रुपये यानी 12.75 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ था।
हाल ही में सरकार ने सिंगल ब्रांड रिटेल, कोल माइनिंग और कॉन्ट्रेक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों के लिए एफडीआई से जुड़े नियम आसान किए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए एफडीआई बेहद जरूरी है। इसलिए केंद्र सरकार के लिए विदेशी निवेश के मोर्चे पर यह अच्छी खबर आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके अनुसार, पहली तिमाही में सबसे ज्यादा निवेश टेली कम्यूनिकेशन सेक्टर में हुआ है।
- सेवा क्षेत्र में 20 हजार करोड़ रुपये यानी 2.8 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है।
- कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर एंड हार्डवेयर में 16 हजार करोड़ रुपये यानी 2.28 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है।
- टेली कम्यूनिकेशन में 0 हजार करोड़ रुपये यानी 4.22 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है।
- ट्रेडिंग में आठ हजार करोड़ रुपये यानी 1.13 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है।
इन देशों ने इतना आया निवेश
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सिंगापुर से सबसे ज्यादा निवेश आया है। अप्रैल-जून तिमाही में सिंगापुर से 38 हजार करोड़ रुपये यानी 5.33 बिलियन डॉलर का निवेश आया है।
- मॉरिशस से 31 हजार करोड़ रुपये यानी 4.67 बिलियन डॉलर का निवेश आया है।
- अमेरिका से 10 हजार करोड़ रुपये यानी 1.45 बिलियन डॉलर का निवेश आया है।
- नीदरलैंड से 9,700 करोड़ रुपये यानी 1.35 बिलियन डॉलर का निवेश आया है।
- जापान से 3300 करोड़ रुपये का निवेश आया है।