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कैसे कोरोना से प्रभावित हो रहा है तेल का दाम? वितरण कंपनियां हैं चिंतित

Wed, 08 Apr 2020 11:21 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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पेट्रोल-डीजल - फोटो : अमर उजाला
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सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण ईंधन की मांग घट जाने से दिक्कतों का सामना कर रही हैं। मांग घट जाने से उन्होंने उत्पादन में कटौती की है। 

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ईंधन की मांग में भारी गिरावट
ऊर्जा की खपत के लिहाज से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। कोरोना वायरस महामारी पर काबू पाने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन से कारोबार बंद हैं, हवाई उड़ानें बंद हैं, रेलगाड़ियां बंद हैं और गाड़ियों की लगभग सभी तरह की आवाजाही भी रुकी हुई है। इसके चलते ईंधन की मांग घटी है। 

सिर्फ रसोई गैस की बढ़ी मांग
आईओसी के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में कुल खुदरा बिक्री 17 फीसदी घटी। इस दौरान डीजल की मांग में 26 फीसदी और पेट्रोल की मांग में 17 फीसदी की गिरावट हुई और विमानन ईंधन की मांग 33 फीसदी घट गई। सिर्फ रसोई गैस की मांग में तेजी देखने को मिली। 
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लॉकडाउन आगे बढ़ने से कंपनियों को होगा घाटा 
बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान उनकी डीजल और पेट्रोल की बिक्री में 55 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। एचपीसीएल के चेयरमैन मुकेश कुमार सुराना ने बताया कि रिफाइनरी उत्पादन करीब 70 फीसदी तक आ गया है। 

वहीं बीपीसीएल के रिफाइनरी निदेशक आर रामचंद्रन ने कहा कि रिफाइनरी क्षमता के मुकाबले 70 फीसदी से कम पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी डीजल और पेट्रोल की बिक्री 60 फीसदी से अधिक घट गई है और विमानन ईंधन की लगभग कोई मांग ही नहीं बची है क्योंकि सिर्फ कुछ मालवाहक विमान ही उड़ान भर रहे हैं।’’ 

इन कंपनियों को मांग में कमी के चलते इंवेन्ट्री हानि होने की आशंका है। रामचंद्रन ने कहा, ‘‘मार्च, अप्रैल में घाटा निश्चित है और अगर लॉकडाउन आगे बढ़ा तो घाटा भी बढ़ेगा।’’ एचपीसीएल के चेयरमैन ने लॉकडाउन आगे बढ़ाने की स्थिति में ईंधन का निर्यात करके नुकसान की भरपाई का भरोसा जताया।

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