बाजार में मचे हड़कंप के बीच रुपया 56 पैसे गिरकर 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। कोरोनावायरस की वजह से डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 74.24 पैसे पर बंद हुआ।
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसका रुपये पर भी दबाव रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोनावायरस संक्रमण को महामारी घोषित कर दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा अगले 30 दिन तक ब्रिटेन समेत यूरोपीय नागरिकों के लिए अमेरिका के दरवाजे बंद करने की घोषणा की है।इससे बाजारों में घबराहट बढ़ी है।
अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया गिरावट के साथ 74.25 प्रति डॉलर के भाव पर खुला। कारोबार के दौरान एक समय यह 82 पैसे गिरकर 74.50 तक हल्का हो गया था। हालांकि बाद में यह कुछ संभला और 60 पैसे के नुकसान के साथ 74.28 पर बंद हुआ। बुधवार को यह 73.68 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लगातार बिकवाल बने रहने से भी रुपये पर दबाव रहा। प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार में 3,518.38 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। एफपीआई इस महीने अभी तक घरेलू बाजार से 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक निकाल चुके हैं। सेंसेक्स में 2,919.26 अंक तथा निफ्टी में 868.25 अंक की गिरावट रही।