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सीआईआई भी माल्या पर कार्रवाई के पक्ष में

Thu, 07 Apr 2016 07:35 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • वित्त मंत्री जान बूझ कर कर्ज न चुकाने वालों पर सख्त कार्रवाई की कर चुके हैं बात
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- फोटो : Reuters
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विस्तार
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बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कर्ज न चुकाने वाले विजय माल्या पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग करने वालों में उद्योग संगठन सीआईआई भी शामिल हो गया है। इससे पहले देश के सबसे बड़े उद्योग संगठन फिक्की ने भी ऐसी मांग की थी।
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माल्या जैसे जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों (विलफुल डिफाल्टरों) से निपटने के लिए सरकार को कैसा रवैया अपनाना चाहिए, यह पूछे जाने पर सीआईआई के नए अध्यक्ष नौशाद फोर्ब्स ने बुधवार को कहा था कि उपलब्ध कानूनों का इस्तेमाल करते हुए विलफुल डिफाल्टरों के खिलाफ  कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बकाया कर्ज की वसूली के लिए सभी उपलब्ध कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जानी चाहिए।

इससे दस दिन पहले ही फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्द्घन नेवतिया ने यहां जारी एक बयान में कहा था कि विलफुल डिफाल्टरों के मामलों में सख्ती बरतने की आवश्यकता है। इस मामले में जो भी सरकार का कानून है, उसका पालन हो। उनका कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से जिन कारोबारियों या उद्योगपतियों की हालत खराब हुई है, उन मामलों में तो समर्थन या लोन केरिस्ट्रक्चरिंग की जरूरत है। लेकिन विलफुल डिफाल्टरों के मामलों में ऐसा कतई नहीं होना चाहिए। इससे पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी विलफुल डिफाल्टरों पर सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं।
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