काेरोना वायरस से शेयर बाजार भी अछूता नहीं रहा। वायरस के फैलने के डर से देश के बाजारों में आ रही तेज गिरावट के कारण बाजार में लोअर सर्किट लगा दिया गया है। बंबई शेयर बाजार में कारोबार बहाल होने के बाद गिरावट बरकरार है। सेंसेक्स 3972.20 अंक लुढ़ककर 25,943.76 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7,945.70 अंक पर आकर बंद हुआ।
एक घंटे में निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूबे
शेयर बाजार में सोमवार शुरुआती एक घंटे के कारोबार के दौरान निवेशकों की 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति डूब गई। इस दौरान बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक 10 प्रतिशत से अधिक टूट गए।
कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते मामलों ने बाजार की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इसके चलते इक्विटी बाजारों में सप्ताह की शुरुआत बड़े पैमाने पर बिकवाली के साथ हुई।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण कारोबार को 45 मिनट के लिए रोके जाने से ठीक पहले 10,29,847.17 करोड़ रुपये घटकर 1,05,79,296.12 करोड़ रुपये रह गया।
लोअर सर्किट लगा, 45 मिनट के लिए रुकी ट्रेडिंग
प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग 3,000 अंकों की भारी गिरावट हुई। दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए की जा रही बंदी के चलते सेंसेक्स ने सुबह के सत्र में निचली सर्किट सीमा को छू लिया, जिसके कारण कारोबार को 45 मिनट के लिए बंद कर दिया गया।
इस समय दुनियाभर में भारी मंदी की आशंकाएं जताई जा रही हैं। बीएसई सेंसक्स सुबह के कारोबार में 2,718 अंक गिरकर खुला और उसके बाद यह 2,991.85 अंकों या 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,924.11 पर आ गया।
इसी तरह एनएसई निफ्टी 842.45 अंक या 9.63 प्रतिशत गिरकर 7,903 पर आ गया। शेयर बाजार की स्वचालित व्यवस्था के अनुसार जब बाजार दोपहर एक बजे से पहले 10 प्रतिशत गिरता है, तो शेयर बाजारों में 45 मिनट के लिए कारोबार रुक जाता है।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स के सभी घटक घाटे में कारोबार कर रहे थे। एक्सिस बैंक में 20 प्रतिशत तक गिरावट हुई। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, हीरो मोटोकॉर्प और एमएंडएम में भी तेज बिकवाली हुई। कारोबारियों के अनुसार भारत और दुनिया भर में सरकारों के बंदी की घोषणा से निवेशकों की धारणा में भारी दबाव आया।