शेयर में गिरावट
तिमाही नतीजों का असर कंपनी के शेयर पर पड़ा। यह 4.00 फीसदी यानी 137.50 अंक गिरकर 3,304 के स्तर पर बंद हुआ। जबकि शुरुआती कारोबार में यह 3500 के स्तर पर खुला था और पिछले कारोबारी दिन यह 3441.50 के स्तर पर बंद हुआ था।
कौन हैं राहुल बजाज?
राहुल बजाज का जन्म 10 जून 1938 को एक मारवाड़ी परिवार में बंगाल प्रेसिडेंसी (आजादी से पहले का पश्चिम बंगाल) में हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजसेवी जमनालाल बजाज के पोते हैं।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज से इकोनॉमिक ऑनर्स की है और इसके बाद उन्होंने तीन साल तक बजाज इलेक्ट्रिकल्स कंपनी में ट्रेनिंग ली थी।
साथ ही उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई भी की। उन्होंने 60 के दशक में अमेरिका के हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री ली थी।
1968 में संभाला बजाज ऑटो के सीईओ का पद
साल 1968 में 30 वर्ष की उम्र में राहुल बजाज ने 'बजाज ऑटो लिमिटेड' के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष (सीईओ) का पद संभाला। तब यह कहा गया था कि ये मुकाम हासिल करने वाले वे सबसे युवा भारतीय हैं। मालूम हो कि जब उनके हाथों में कंपनी की कमान आई, तब देश में 'लाइसेंस राज' था। यानी बिना सरकार की मर्जी के उद्योगपति कुछ नहीं कर सकते थे।
कंपनी ने हासिल किया मुकाम
उन मुश्किल परिस्थितियों में भी राहुल बजाज ने कथित तौर पर निरंकुश तरीके से उत्पादन किया और स्वयं को देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बनाने में सफलता हासिल की। साल 1965 में 3 करोड़ रुपये के टर्नओवर से बजाज कंपनी 2008 में करीब 10,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच गई।