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जेटली का इशारा, तेल पर नहीं कम होगा उत्पाद शुल्क, कहा- नागरिक ईमानदारी से चुकाएं कर

Mon, 18 Jun 2018 05:58 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क के बारे में कटौती नहीं करने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले टैक्स को लेकर केंद्र सरकार का रूख भी साफ कर दिया है। 

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अरुण जेटली ने सोमवार को नागरिकों से राजस्व स्रोत के रूप में तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए "ईमानदारी से" अपना आयकर चुकाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में किसी भी कटौती से इंकार कर दिया और कहा कि यह नुकसानदेह साबित हो सकता है। 

जेटली ने कहा कि हालांकि वेतनभोगी वर्ग अपने हिस्से के आयकर का भुगतान करते हैं लेकिन "ज्यादातर अन्य वर्गों" को अपने आयकर भुगतान के रिकॉर्ड में सुधार करना होगा, जिसकी वजह से भारत "आयकर चुकाने वाला समाज बनने से दूर" है। 
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तेज की आसमान छूती कीमतों के बीच तेल के दाम को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग उठी थी। पेट्रोलिय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तेल की बढ़ती कीमत पर फौरी राहत देने के लिए इस मांग पर विचार करने की बात कही थी। 

जेटली ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "राजनीतिक दलों के नेताओं और रायशुमारी करने वालों से मेरी विनम्र अपील है... गैर-तेल कर श्रेणी में कटौती करना रोक दी जानी चाहिए और यदि लोग ईमानदारी से अपने करों का भुगतान करते हैं, तो कर के लिए तेल उत्पादों पर उच्च निर्भरता आखिरकार नीचे आती है। मध्यम और लंबे समय में, वित्तीय गणित से छेड़छाड़ करना प्रतिकूल प्रभाव वाला साबित हो सकता है।" 

जेटली ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बयान की साफ तौर पर हंसी उड़ाई है। चिदंबरम ने कहा था कि तेल पर लगने वाले कर पर 25 रुपये प्रति लीटर की कटौती की जानी चाहिए। जेटली ने कहा कि "यह एक 'फंसाने वाला' सुझाव है। चिदंबरम का बिना नाम लिए जेटली ने कहा कि "प्रतिष्ठित पूर्ववर्ती" ने कभी ऐसा करने की कोशिश नहीं की थी। 

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