इरडा ने कंपनियों को यह व्यवस्था दी है कि वे ऑन डैमेज पॉलिसी को अब अलग से बेच सकेंगी, जो पूरी तरह वैकल्पिक होगा। यानी कोई वाहन मालिक अगर थर्ड पार्टी बीमा कराता है तो जरूरी नहीं कि उसे संबंधित कंपनी से ही ओडी बीमा भी कराना होगा। वह किसी अन्य कंपनी से भी यह बीमा पॉलिसी खरीद सकता है। इसका मतलब हुआ कि वह दोनों पॉलिसी को अलग-अलग कंपनी से खरीद सकता है।
बीमा नियामक ने कहा है कि कोई भी कंपनी लंबी अवधि का ओडी पेश नहीं कर सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को हर साल ओडी बीमा रेन्यू कराना होगा। हालांकि, इस कदम से उन पर प्रीमियम का बोझ कम हो जाएगा। बीमाधारक का वाहन साल-दर-साल पुराना होता जाता है।
ऐसे में उसकी ऑन डैमेज वैल्यू भी कम होती जाती है और इसका असर हर साल उनके प्रीमियम पर पड़ता है। लिहाजा अगर आप एक साथ तीन साल का ओडी कराते हैं तो आपको समान दर पर तीनों साल का प्रीमियम देना होगा, जबकि एक साल बाद इसका प्रीमियम कम हो जाता है।
सभी वाहन मालिकों के लिए थर्ड पार्टी बीमा (टीपीसी) कराना अनिवार्य होता है। यह उस व्यक्ति के लिए होता है, जो हमारे वाहन से दुघर्टना का शिकार हो सकता है। नए नियमों में बीमा कंपनियों के पास उपभोक्ताओं को एड-ऑन पैकेज देने का भी विकल्प होगा। यानी कोई ग्राहक अगर टीपीसी के साथ ओडी बीमा भी लेना चाहता है तो कंपनियां उसे देने से इनकार नहीं कर सकती हैं।