एटीएम मशीन अब सिर्फ पैसे निकालने वाली मशीन नहीं रह जाएगी। जल्द ही आप अपने एटीम से पैसे निकालने के साथ-साथ मूवी की टिकट खरीद सकते हैं, किसी बिल का भुगतान खरीद सकते हैं, हवाई जहाज की टिकट खरीद सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आपको अपने एटीम, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी नहीं करना पड़ेगा।
अगले साल से आपको एटीएम मशीन से पैसा निकालने के लिए एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बशर्ते आपके पास आधार कार्ड हो। ऐसा संभव हो रहा है रिजर्व बैंक के एक आदेश से। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को कहा है कि एक जनवरी 2017 से कार्ड एक्सेपटेंस से जुड़ी जो भी ढांचागत संरचनाएं तैयार होंगी, उसमें आधार संख्या से जोड़े गए बायोमेट्रिक आथेंटिकेशन प्रणाली से भी सामंजस्य हो। यही नहीं, अब क्रेडिट या डेबिट कार्ड से खरीदारी पर भी फर्जीवाड़ा रुकेगा क्योंकि स्वाइप मशीन में पिन नंबर के बदले अंगूठा लगाना पड़ेगा।
रिजर्व बैंक के एक अधिकारी ने अमर उजाला को बातया कि क्रेडिट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजेक्शन के साथ सदा से ही सुरक्षा एक बड़ा सवाल रहा है। इससे बचने के लिए ही पिन नंबर का प्रावधान किया गया है लेकिन पिन नंबर लीक हो जाने पर वह भी सुरक्षा देने में कारगर नहीं हो पाता है। इसलिए आधार कार्ड के बायोमेट्रिक आथेंटिकेशन प्रणाली को इससे जोड़ने पर फैसला हुआ। यूं तो रिजर्व बैंक इस फैसले पर कुछ साल पहले ही सिद्घांतत: सहमत हो गया था और नवंबर 2013 में ही सभी बैंकों को एक सरकुलर जारी किया था। लेकिन उस समय कहा गया था कि आधार कार्ड की पहुंच अभी ज्यादा लोगों तक हो नहीं पाई है, इसलिए फिलहाल इस पर गो स्लो की नीति अपनायी जाए।
एटीम मशीन से पैसे निकालने के लिए लगाना होगा अंगूठा
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बीते बृहस्पतिवार को रिजर्व बैंक ने सभी बैंक के प्रमुखों को एक पत्र भेज कर कर कहा है कि अब देश में आधार कार्ड बनवाने वालों की संख्या काफी हो गई है। इसलिए अब वक्त आ गया है कि कार्ड से जुड़े ट्रांजेक्शन में ईएमवी चिप और पिन के साथ साथ आधार के बायोमीट्रिक आथेंटिकेशन प्रणाली का भी उपयोग किया जाए। इसे ध्यान में रख कर सभी बैंकों को कहा गया है कि वे एक जनवरी 2017 से कार्ड एक्सेपटेंस से जुड़ी जो भी ढांचागत संरचना तैयार करें, उसमें आधार के बायोमीट्रिक आंकड़े के समायोजन की सुविधा हो।
इसका मलतब है कि जो भी नए एटीएम लगे, उसमें अंगूठे का निशान पहचानने की व्यवस्था हो। ऐसा होने पर पैसे निकालने के लिए कार्ड ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, सिर्फ अंगूठा लगाने पर ही सही व्यक्ति या खातेदार की पहचान हो जाएगी और पैसा निकल आएगा। इसी तरह कार्ड से खरीदारी के वक्त भी पिन नंबर डालने की बजाय पहचान के लिए अंगूठा लगाने से ही काम चल जाएगा। इसी तरह कार्ड से खरीदारी करने पर जो स्वाइप मशीन में पिन डाल कर पहचान सुनिश्चित की जाती है, उसमें भी अंगूठा लगाने की सुविधा हो ताकि उसी से सही या गलत व्यक्ति की पहचान हो सके।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि देश में पहली बार आधार के बायोमेट्रिक आंकड़ों का उपयोग एटीएम मशीन में पहचान के लिए होगा। इससे पहले ही डीसीबी बैंक ने मुंबई और बेंगलुरू में प्रायोगिक आधार पर कुछ ऐसे एटीएम मशीनें लगाई थी, जिसमें अंगूठे लगाने पर आधार बायोमीट्रिक प्रणाली में संचित आंकड़ों से पहचान सुनिश्चित की जाती है।