सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि उर्जित पटेल का आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफा देने से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। उनको जुलाई तक कम से कम रुकना चाहिए था। कम से कम प्रधानमंत्री को उनसे मिलकर बात करनी चाहिए थी।
हाल ही में सरकार ने संकेत दिए थे कि वह पटेल का इस्तीफा नहीं चाहती है लेकिन बैंक के साथ कुछ मुद्दों का समाधान जरूरी है। मोदी समर्थकों ने साफ कर दिया है कि नीति में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत है।
जेटली, गडकरी ने दी थी चेतावनी
जेटली ने कहा कि तेज ग्रोथ के लिए सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी जरूरी है। वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि अगर क्रेडिट पर्याप्त भी है तो सभी सेक्टर की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। वहीं गडकरी ने कहा कि आरबीआई की सख्त लोन प्रक्रिया के कारण बैंक देश भर में चल रहे तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को वित्तीय मदद नहीं दे रहे हैं।
इसके चलते करीब 2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। गडकरी का कहना है कि आरबीआई लोन की प्रक्रिया को मुश्किल बना रहा है जिससे इंफ्रा के लिए पैसे की किल्लत हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उर्जित पटेल बहुत ही अच्छे अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था को सही दिशा में ले जाने के लिए काफी अच्छा कार्य किया है। आरबीआई हमेशा उनके कार्यों को याद करेगा।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वो उर्जित पटेल द्वारा आरबीआई गवर्नर के पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निर्वाह किया है। मैं अपनी तरफ से दोनों को आगे के जीवन की शुभकामनाएं देता हूं।
आरबीआई बोर्ड के सदस्य एस गुरुमूर्ति ने कहा कि उर्जित द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने की खबर ने उनको चौंकाया है। मुझे काफी आश्चर्य हुआ क्योंकि आरबीआई की पिछली बोर्ड बैठक काफी सौहादपूर्ण माहौल में हुई थी। मीडिया ने आरबीआई और सरकार के बीच तनातनी की खबरों को गलत ढंग से दिखाया। जबकि बोर्ड बैठक में माहौल काफी अच्छा था।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि कई दिनों से उर्जित पटेल के इस्तीफा की चर्चा शुरू थी जो आज सामने आ गई। उद्धव ने तंज कसा कि सरकार को अब आरबीआई गवर्नर पद के लिए नए व्यक्ति की खोज करने की बजाए सभी मशीनरी अपने हाथ में ले लेनी चाहिए।
देश को अर्थशास्त्री पीएम से बेहतर चला रहा चायवाला
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘मैं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आर्थिक ज्ञान का सम्मान करता हूं, लेकिन एक चायवाला उनसे बेहतर तरीके से देश को चला रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के विरोधी दृढ़ता और निरंकुशता का फर्क नहीं जानते हैं। मनमोहन सिंह ने दस साल में देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया में नौवें स्थान पर पहुंचा दिया था। हम इसे छठे पायदान तक ले आए हैं।’
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे की खबर आने के बाद केंद्रीय बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि उनका फैसला हैरान करने वाला है। उनका इस्तीफा सभी भारतीयों के लिए चिंतित करने वाला है।
राजन ने कहा, इस्तीफे के बाद दिए उर्जित के बयान का आदर होना चाहिए। हमें उसमें विस्तार से जाना चाहिए कि आखिर क्या गतिरोध थे, जिसके चलते उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। मैं मानता हूं कि ये ऐसा वाकया है जिस पर सभी भारतीयों को चिंतित होना चाहिए। हमारे संस्थानों का मजबूत होना वाकई विकास और अर्थव्यवस्था के सतत विकास व इक्विटी के लिए महत्वपूर्ण है।’
रघुराम ने कहा कि पटेल ने अपने इस निर्णय से सरकार को बड़ा संदेश दिया है। पटेल ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता से समझौता नहीं किया जा सकता। उनका इस्तीफा देना उनके विरोध को दर्शाता है। राजन पहले भी रिजर्व बैंक की स्वायत्तता को लेकर बयान देते रहे हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि सरकार अगर केंद्रीय बैंक पर लचीला रुख अपनाने का दबाव बना रही है, तो उसके (रिजर्व बैंक) पास ना कहने की आजादी है।
राजन के मुताबिक, केंद्र सरकार के लिए आरबीआई कार की सीट बेल्ट की तरह है और सरकार इसकी ड्राइवर है। सरकार चाहे तो सीट बेल्ट पहने या न पहने। अगर सीट बेल्ट नहीं पहनते हैं तो दुर्घटना के घातक नतीजे हो सकते हैं।