लोगों को किया पीएम-केयर्स फंड में दान देने के लिए प्रोत्साहित
इस गीत के माध्यम से, एचडीएफसी बैंक अधिक से अधिक लोगों को पीएम-केयर्स फंड में दान देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए देश के प्रति अपनी निष्ठा और सहयोग दर्शाना चाहता है। हर दान का अपना महत्व है और बैंक सभी से योगदान की अपील करता है। सोशल मीडिया पर इस गीत के हर बार शेयर होने पर बैंक 500 रुपये का योगदान देगा और इस छोटे से प्रयास का उस धनराशि में बड़ा योगदान होगा, जो एचडीएफसी बैंक द्वारा पीएम-केयर्स फंड में दी जा रही है। इस महीने की शुरुआत में एचडीएफसी ग्रुप ने पीएम-केयर्स फंड में 150 करोड़ रुपये का योगदान किया था।
साथ मिलकर हम मजबूत होकर सामने आएंगे- रवि संथानम
एचडीएफसी बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रवि संथानम ने कहा कि, 'सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक होने के नाते हम अपने देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं। संगीत की कोई सीमा नहीं है। वह उत्साह बढ़ाता है और मन को शांति देता है। इस सम्मान के माध्यम से हम देश के हर व्यक्ति के दिल को छूना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि वे अकेले नहीं हैं। साथ मिलकर हम मजबूत होकर सामने आएंगे। अभी तो हर योगदान महामारी से लड़ने में देश के काम आएगा। हम अपने देश के लोगों के उत्साह को सलाम करते हैं और कोविड-19 को हराने के लिए सहायता और सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।'
देश को मिलेगी एकजुट होने की प्रेरणा - एआर रहमान
संगीतकार एआर रहमान ने कहा कि, 'यह गीत हम सभी को एक महान कार्य के लिए एक साथ लाया है और हमें उम्मीद है कि इससे देश को भी एकजुट होने की प्रेरणा मिलेगी। इस म्यूजिक वीडियो के हर बार शेयर होने पर पीएम केयर्स फंड में दान करने का वचन देने के लिए एचडीएफसी बैंक को सलाम।'
हमें पकड़नी होगी उम्मीद की उंगली - प्रसून जोशी
गीतकार प्रसून जोशी ने कहा कि, 'एआर रहमान के साथ काम करना हमेशा अच्छा लगता है। हमने कई यादगार गीत दिए हैं। और मुझे खुशी है कि इस अभूतपूर्व समय में एचडीएफसी बैंक हमारे साथ भागीदारी कर रहा है। हालांकि यह स्थिति रचनात्मकता के लिए आदर्श नहीं है, लेकिन कलाकार के तौर पर हमें विषमता को दूर करना होगा और उम्मीद की उंगली पकड़नी होगी। मेरी कविता हम मानवों के कभी न हार मानने वाले उत्साह पर केंद्रित है। हमें अभी बहुत कुछ सीखना है, लेकिन साथ मिलकर हम विपरीत परिस्थितियों से उबर सकते हैं, हम हार नहीं मानेंगे।'