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केंद्रीय बैंक ने दी ऑनलाइन निवेश की सुविधा, अब सीधा RBI में खाता खुलवा सकते हैं खुदरा निवेशक

Fri, 05 Feb 2021 04:14 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : पीटीआई
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आज भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा निवेशकों को एक नई सुविधा देने का ऐलान किया है, जिसके तहत अब खुदरा निवेशक अब ऑनलाइन सरकारी सिक्योरिटीज में सीधे निवेश कर सकेंगे। यह निवेश वे प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों बाजार में किया जा सकता है। रिजर्व बैंक ने इसे एक ढांचागत सुधार बताया है। खुदरा निवेशक अब सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश और ट्रेडिंग के लिए सीधे केंद्रीय बैंक में अपना खाता खुलवा सकते हैं।

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रिजर्व बैंक के गवर्ननर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक समीक्षा बैठक के निर्णयों की घोषणा करते समय इसकी जानकारी दी। दास का यह बयान काफी अहम है। उन्होंने कहा कि अब खुदरा निवेशक 'रिटेल डायरेक्ट' के जरिए सीधे सरकारी बॉन्ड खरीद पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशक अपना अकाउंट खुलवा पाएंगे एवं प्राइमरी और सेकेंडरी जी-सिक्युरिटीज मार्केट में हिस्सा ले पाएंगे।  

पहले क्या था नियम?
मालूम हो कि देश में राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की सिक्योरिटीज होती है। यह एक तरह का बॉन्ड होता है, जिसमें एक निश्चित ब्याज मिलता है। मौजूदा समय में केंद्र सरकार नौ तरीके के सिक्योरिटीज जारी करती है। अभी तक रिटेल निवेशक सीधे इसमें निवेश नहीं कर सकते थे। बल्कि निवेशकों को म्यूचुअल फंड के गिल्ट फंड में पैसा लगाना होता था और म्यूचुअल फंड की वह स्कीम सरकार की सिक्योरिटीज में निवेश करती थी। लेकिन अब खुदरा निवेशक सीधे इसमें निवेश कर सकते हैं।
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ऐसे कर सकेंगे निवेश
अब केंद्रीय बैंक के अनुसार, खुदरा निवेशक आरबीआई के साथ गिल्ट खाता खोल सकते हैं। इसे आरबीआई ने 'रिटेल डायरेक्ट' का नाम दिया है। इसमें निवेशक ऑनलाइन कारोबार कर सकते हैं और उन्हें सरकारी प्रतिभूतियों को सीधे खरीदने और बेचने का एक आवश्यक अवसर मिलेगी।

सरकारी प्रतिभूतियों भारत में सबसे सुरक्षित फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में से एक है। कुछ समय में इसका पूरा खाका तैयार हो जाएगा। इससे सरकारी उधारी कार्यक्रम को सुचारू रूप से पूरा करने में आसानी होगी। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास यह सुविधा है। 

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