कटौती की दिशा में कदम से पहले मानसून की स्थिति देखेगा रिजर्व बैंक
खुदरा महंगाई बढने के संकेतों के बीच रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन द्वारा मंगलवार को द्वैमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती के आसार कम हैं। इस बारे में जब केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से पूछा गया तो उन्होंने जवाब के लिए एक दिन और इंतजार करने को कहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक ब्याज दर में कटौती की दिशा में कोई अगला कदम बढ़ाने से पहले मानसून की प्रगति का थाह लेना चाहेगा। मानसूनी वर्षा की शुरूआत में इस साल देर हो रही है पर मौसम विभाग और निजी एजेंसियों ने वर्षा सामान्य या उससे ऊपर रहने का अनुमान लगाया है। सोमवार को इस बारे में जब जेटली से जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने परिणाम जानने के लिए एक दिन और इंतजार करने को कहा।
राजन ने पिछले साल जनवरी से लेकर अब तक नीतिगत ब्याज दर में कुल मिला कर 1.5 प्रतिशत की ही कटौती की है। लेकिन उनकी आलोचना इसी बात को लेकर हो रही है कि उन्होंने दरों में कमी शुरू करने से पहले जरुरत से ज्यादा समय तक मौद्रिक नीति को सख्त रखा। राजन नीतिगत दरें में कटौती करने के साथ साथ बैंकों को उसका पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचान के लिए भी जोर देते आ रहे हैं।