भारतीय रिजर्व बैंक ने स्विफ्ट मैसेजिंग सॉफ्टवेयर से जुड़े दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने को लेकर यस बैंक पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। निजी क्षेत्र के बैंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यस बैंक ने शेयर बाजारों को दी गयी सूचना में कहा है, 'रिजर्व बैंक ने स्विफ्ट से जुड़े परिचालन नियंत्रणों के क्रियान्वयन के आकलन के दौरान दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने को लेकर बैंक पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।'
स्विफ्ट संदेश भेजने वाला एक वैश्विक सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल वित्तीय संस्थाएं लेनदेन के लिए करती हैं। उल्लेखनीय है कि इस मैसेजिंग सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग से पीएनबी में 14,000 करोड़ रुपये की भारी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था।
पीएनबी धोखाधड़ी मामले के बाद आरबीआई का रुख बैंकों के लेनदेन को लेकर कड़ा बना हुआ है।
इससे पहले सोमवार को आरबीआई ने कर्नाटक बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और करूर वैश्य बैंक पर स्विफ्ट से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर कुल आठ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को विभिन्न नियामकीय निर्देशों का पालन नहीं करने पर चार बैंकों पर कार्रवाई की है। आरबीआई ने यूनियन बैंक पर 3 करोड़, देना बैंक पर 2 करोड़ और एसबीआई व आईडीबीआई बैंक पर 1-1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। देना बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि रिजर्व बैंक ने 20 फरवरी 2018 को जारी निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर देना बैंक पर जुर्माना लगाया।
एक अन्य जानकारी में एसबीआई, आईडीबीआई और यूनियन बैंक ने कहा कि आरबीआई स्विफ्ट से जुड़े परिचालन नियंत्रण को मजबूत बनाने और उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि आईडीबीआई बैंक ने कहा कि उसने अपने आंतरिक नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए हैं ताकि इस तरह की चीजों की पुनरावृत्ति न हो सके।