भारतीय रिजर्व बैंक के कर्मचारी यूनियन ने बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल से अनुरोध किया है कि वह इस केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को बचाएं। साथ ही केंद्र सरकार को इसकी प्रक्रिया में दखलंदाजी की इजाजत न दें।
कर्मचारी यूनियन ने यह अपील नोटबंदी के मामले में आरबीआई की भूमिका की आलोचना के बाद की है। अर्थशास्त्रियों ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंदकर 86 फीसदी करेंसी को चलन से बाहर करने के फैसले के लिए आरबीआई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि नए नोटों की छपाई की धीमी गति से आरबीआई की प्रतिष्ठा में कमी आई है। कुछ लोग आरबीआई की स्वतंत्रता पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं। वे इस बात से भी सहमति जता रहे हैं कि काफी कम तैयारी के साथ नोटबंदी का फैसला लागू कर दिया गया।