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RBI: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, सस्ती EMI के लिए करना होगा इंतजार

Fri, 04 Dec 2020 10:32 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास - फोटो : YouTube: @ Reserve Bank of India
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज समाप्त हो गई है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा की। अगले कुछ महीने अर्थव्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। आरबीआई ने रेपो रेट स्थिर रखी है यानी ग्राहकों को सस्ती ईएमआई के लिए इंतजार करना होगा। मालूम हो कि केंद्रीय बैंक इस साल फरवरी से नीतिगत दर या रेपो दर में 1.15 फीसदी की कटौती कर चुका है। आखिरी बार मई में ब्याज दरों में 0.40 फीसदी और मार्च में 0.75 फीसदी की कटौती की गई थी। शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक दो दिसंबर को शुरू हुई थी।

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प्रमुख बातें

  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों का आभार प्रकट किया।
  • आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। एमपीसी ने सर्वसम्मति से ये फैसला लिया है। यानी ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।
  • दास ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है।
  • इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर और कैश रिजर्व रेशियो तीन फीसदी पर स्थिर है।
  • एसएलआर 18 फीसदी और मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी (MSF) रेट 4.25 फीसदी पर है।
  • मौद्रिक नीति समिति के सभी सदस्यों ने मुद्रास्फीति के उच्च स्तर को देखते हुए नीतिगत दर को यथावत रखने के पक्ष में निर्णय किया।
  • आरबीआई ने मौद्रिक नीति में नरम रुख को बरकरार रखा, सर्दियों में महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई। 
  • दास ने कहा कि, 'हम सुनिश्चित करेंगे कि अर्थव्यवस्था में पर्याप्त नकदी उपलब्ध हो। जरूरत पड़ने पर हम सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।'
  • दास ने कहा कि अगली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ निगेटिव से पॉजिटिव में लौटने की उम्मीद है। 
  • रिजर्व बैंक वित्तीय प्रणाली में जमाकर्ताओं का हित सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध। वित्तीय बाजार व्यवस्थित तरीके से काम कर रहे हैं। 
  • आरबीआई ने अगली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 0.10 फीसदी कर दिया है। वहीं, चौथी तिमाही के दौरान देश की जीडीपी ग्रोथ 0.70 फीसदी रहने का अनुमान है। 
  • हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ -7.5 फीसदी रह सकती है। 
  • एचडीएफसी बैंक पर कार्रवाई के एक दिन बाद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग में भरोसा बनाए रखने की जरूरत है, बैंकों को आईटी प्रणाली में निवेश बढ़ाना होगा।
  • दास ने बताया कि भारतीय सरकार की ओर से जारी राहत पैकेज से रिकवरी आई है।
  • गवर्नर ने बताया कि अगस्त में इमर्जिंग मार्केट्स का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई एक बार फिर से एक्सपैंशन मोड में यानी 50 से ऊपर चला गया और सितंबर में उनका उत्पादन रेट पॉजिटिव हो गया। अक्तूबर में सेवा क्षेत्र पीएमआई विकसित बाजारों के लेवल पर पहुंच गया।
  • केंद्रीय बैंक ने कहा कि कॉमर्शियल बैंक 2019-20 के लिए लाभांश का भुगतान नहीं करेंगे।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी रहने का अनुमान है।
  • इस बार खरीफ फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। मानसून अच्छा रहने की वजह से फसल की रिकॉर्ड उपज हो सकती है।
  • डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांजेक्शन की लिमिट बढ़ाने का फैसला किया गया है। केंद्रीय बैंक ने इसे 2,000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन करने का एलान किया है। जनवरी से यह फैसला अमल में आ जाएगा। 
  • शक्तिकांत दास ने कहा कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम अगले कुछ दिनों में 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध होगा। यानी अब आपको बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक के खुलने और बंद होने का इंतजार नहीं करना होगा।
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