मौद्रिक नीति समीक्षा की पिछली बैठक के ब्योरे से इस बात की जानकारी मिलती है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत रुख में बदलाव से भविष्य में रेपो रेट में और कटौती हो सकती है। जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का अनुमान लगाया है।
इससे पहले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 6 जून, 2019 को हुई मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक में मौद्रिक नीति रुख को ‘नरम’ कर के निर्णय के बारे में कहा था कि इसमें बदलाव को इस रूप में देखा जाना चाहिए कि भविष्य में नीतिगत दर में वृद्धि नहीं होगी।
इसके मद्देनजर नोमुरा ने कहा कि दास का बयान नीतिगत रुख के बारे में तकनीक परिभाषा को बताता है। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हमारा मानना है कि एमपीसी सदस्यों ने स्पष्ट तौर पर संकेत दिया कि नीतिगत दर में नरमी को लेकर आर्थिक माहौल अधिक अनुकूल हो गया है।
रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती और रुख को बदलकर ‘नरम’ करने से इस विचार की पुष्टि होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, एमपीसी के ज्यादातर सदस्य अगस्त में होने वाली बैठक में नीतिगत दर में कटौती का समर्थन कर सकते हैं।