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इलाहाबाद बैंक और कॉरपोरेशन बैँक खोल सकेंगे नई शाखाएं, आरबीआई ने हटाई रोक

Wed, 27 Feb 2019 10:28 AM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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आरबीआई ने मंगलवार को एक फैसले के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैँक और कॉरपोरेशन बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के फ्रेमवर्क से बाहर निकाल दिया है। पीसीए के तहत इन बैंकों पर नई शाखाएं खोलने और कर्ज बांटने पर रोक लगा दी गई थी।

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रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक से भी पीसीए रेल्युलेशन को हटा लिया है। आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वित्तीय निगरानी बोर्ड ने पीसीए के तहत इन बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की। साथ ही 21 फरवरी को सरकार की ओर से वित्तीय मदद की घोषणा के बाद बैंक की स्थिति में काफी सुधार आया।

सरकार ने कॉरपोरेशन बैंक को 9,086 करोड़ रुपये और इलाहाबाद बैंक को 6,896 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। आरबीआई ने कहा कि इस मदद से दोनों बैंकों का पूंजी संग्रह बढ़ा है और कर्ज घाटे में गिरावट आई है, जिस कारण पीसीए मानदंडों से बाहर आने में मदद मिली। इसके बाद 26 फरवरी को हुई बैठक में दोनों बैंकों से यह नियंत्रण हटाने का फैसला किया गया।

एक माह में पांच बैंक बाहर

एक माह के भीतर पांच सरकारी बैंक पीसीए से निकल चुके हैं। इससे पहले 31 जनवरी को बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को भी पीसीए फ्रेमवर्क से आजादी मिली थी। बीते साल दिसंबर में कॉरपोरेशन बैंक का सकल एनपीए 17.36 फीसदी, जबकि इलाहाबाद बैंक का 17.81 फीसदी था। वित्तीय मदद मिलने के बाद यह घटकर 6 फीसदी के दायरे में आ गया है। 

अभी पांच बैंक बाकी

पांच और सरकारी बैंक अभी पीसीए फ्रेमवर्क में शामिल हैं। इसमें यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, सेंट्रल बैँक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और देना बैंक हैं। आरबीआई ने भारी एनपीए तले दबे 11 सरकारी बैंकों को पीसीए फ्रेमवर्क में रखा था और उन पर नई शाखाएं खोलने व कर्ज बांटने पर रोक लगा दी थी।    

सरकारी बैंकों की स्थितियां तेजी से बदल रही हैं और उनके प्रदर्शन में सुधार निरंतर जारी है। सरकारी मदद और अपनी कोशिशों से बैंकिंग क्षेत्र जल्द मुश्किलों से बाहर आ जाएगा।

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-राजीव कुमार, वित्तीय सचिव

निजी बैंक को भी राहत

आरबीआई ने कुछ निश्चित स्थितियों और नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक को भी पीसीए से बाहर कर दिया है। यह बैंक अब कर्ज जोखिमों से बाहर निकल चुका है और उसका नेट एनपीए घटकर 2.93 फीसदी पर आ गया है। 

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