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एक और सरकारी बैंक में हुआ 2 हजार करोड़ का घोटाला, बैंक एमडी समेत 5 लोग हुए गिरफ्तार

Thu, 21 Jun 2018 11:22 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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पंजाब नेशनल बैंक में हुए महाघोटाले की आंच अभी धीमी नहीं पड़ी थी, कि एक और सरकारी बैंक में 2 हजार करोड़ का घोटाला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के सीईओ समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि एक बिल्डर को लोन देने के मामले में बैंक के नियमों व भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन को भी अनदेखा किया गया। 
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यह है मामला
सरकारी बैंक में शुमार बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने पुणे की एक बिल्डर कंपनी डीएसके डेवलपर्स के मालिक डीएस कुलकर्णी को 2043 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इस लोन को देने में बैंक के वर्तमान व पूर्व सीईओ ने नियमों की अनदेखी की, जिसके बाद पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि बैंक का मुख्यालय भी पुणे में स्थित है। 

इनको किया गिरफ्तार
पुलिस ने बैंक के वर्तमान सीईओ व एमडी रविंद्र मराठे, पूर्व सीईओ व एमडी सुशील मनोत, जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे, डीएसके के सीए सुनील घाटपांडे, चीफ इंजीनियर राजीव नेवासकर को गिरफ्तार कर लिया है। मनोत को जयपुर व देशपांडे को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। 
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कंपनी को घोषित किया विलफुल डिफॉल्टर

बैंक ने आधिकारिक तौर पर स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि डीएसकेडीएल को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया जा चुका है। इसके साथ ही लोन की रिकवरी के लिए सरफेयासी एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है। बैंक ने 2016 में 600 करोड़ का लोन उसके एक प्रोजेक्ट के लिए दिया था। 

पांच बैंकों से होगी पूछताछ
पुलिस ने कहा है कि इसके अलावा पांच बैंकों के अधिकारियों से भी पूछताछ होगी, जो उस कंसोर्शियम का हिस्सा थे जिनके जरिए कंपनी को 337 करोड़ रुपये का लोन जारी किया गया था। इस कंसोर्शियम ने भी नियमों की अनदेखी की। 
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