पंजाब नेशनल बैंक में हुए महाघोटाले की आंच अभी धीमी नहीं पड़ी थी, कि एक और सरकारी बैंक में 2 हजार करोड़ का घोटाला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के सीईओ समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि एक बिल्डर को लोन देने के मामले में बैंक के नियमों व भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन को भी अनदेखा किया गया।
यह है मामला
सरकारी बैंक में शुमार बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने पुणे की एक बिल्डर कंपनी डीएसके डेवलपर्स के मालिक डीएस कुलकर्णी को 2043 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इस लोन को देने में बैंक के वर्तमान व पूर्व सीईओ ने नियमों की अनदेखी की, जिसके बाद पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि बैंक का मुख्यालय भी पुणे में स्थित है।
इनको किया गिरफ्तार
पुलिस ने बैंक के वर्तमान सीईओ व एमडी रविंद्र मराठे, पूर्व सीईओ व एमडी सुशील मनोत, जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे, डीएसके के सीए सुनील घाटपांडे, चीफ इंजीनियर राजीव नेवासकर को गिरफ्तार कर लिया है। मनोत को जयपुर व देशपांडे को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया।