पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक में हुए घोटाले के मुख्य आरोपी एचडीआईएल के मालिक और पूर्व एमडी की हिरासत अवधि को कोर्ट ने 14 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इन तीनों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने आरबीआई द्वारा खातों से लेन-देन पर एक हजार रुपये की सीमा 23 सितंबर को करने के बाद ग्राहकों की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। हालांकि बाद में आरबीआई ने सीमा को पहले 10 हजार रुपये किया, फिर उसे छह महीने में 25 हजार रुपये कर दिया था। 4355 करोड़ रुपये के इस घोटाले में बैंक के पूर्व एमडी जॉय थॉमस, एचडीआईएल के मालिक राकेश वाधावन और उनके बेटे सारंग वाधावन, पूर्व चेयरमैन वारयाम सिंह को पुलिस ने आरोपी बनाया था। वाधावन बाप-बेटे को पुलिस ने पिछले गुरुवार को और वारयाम सिंह को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने वाधावन और एचडीआईएल की 3500 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पीएमसी बैंक ने एचडीआईएल के 44 लोन खातों को बदल दिया था। इसके अलावा 21,049 फर्जी खातों के बारे में भी पता चला है।