अनियमितता बरतने के आरोप में 24 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक ने मुंबई स्थित पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी ( PMC ) बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया था। अब इस मामले में एक और बात सामने आई है।
इकनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, दो सूत्रों ने बताया कि, पिछले 10 सालों से हाउसिंग कंपनी एचडीआईएल को पैसे दिलाने के लिए बैंक ने कईं डमी खाते खोले थे।
पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व एमडी जॉय थॉमस ने गलत तरीके से एचडीआईएल की मदद की थी। बैंक ने कुल कर्ज का 73 फीसदी यानी 6,226 करोड़ रुपये एचडीआईएल को दिए थे। बता दें कि रियल एस्टेट सेक्टर की प्रमुख कंपनी एचडीआईएल अब दिवालिया हो गई है।
मामले में एक सूत्र ने बताया कि, 'यह आश्चर्य की बात है कि बैंक की तरफ से बांटे गए कुल कर्ज का दो-तिहाई हिस्सा सिर्फ एक ही कंपनी को दिया गया। उसने कहा कि हो सकता है कि बैंक साल 2008 से ही फर्जीवाड़ा कर रहा है।
मुंबई से प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमसी बैंक ने एक माह पहले ही एचडीआईएल के मालिक सारंग वधावन को यह पर्सनल लोन दिया था ताकि वो बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए लोन की भरपाई कर सकें। बैंक ऑफ इंडिया ने लोन की किश्त जमा नहीं करने पर एचडीआईएल के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर की थी। बैंक ऑफ इंडिया से कंपनी ने 520 करोड़ रुपये का लोन ले रखा था।