मौजूदा समय में बैंक में रखी आपकी कुल रकम में से सिर्फ 1 लाख रुपये सुरक्षित होते हैं। इसका मतलब यह है कि कभी अगर कोई बैंक दिवालिया होता है, तो लाखों रुपये की आपकी बचत में से सिर्फ 1 लाख रुपये की डिपॉजिट सुरक्षित रहेगी। इससे ज्यादा जितनी भी राशि होगी वह रकम डूब जाएगी।
निजी,सरकारी सभी तरह की बैंकों पर लागू नियम
आरबीआई का यह नियम सभी बैंकों पर लागू है। इनमें विदेशी बैंक भी शामिल हैं, जिनको आरबीआई की तरफ से लाइसेंस मिला हुआ है। इस हिसाब से देंखे तो पीएनबी इस महाघोटाले के बाद दिवालिया होने की कगार पर खड़ी है।
अगर केंद्र सरकार अपनी तरफ से पीएनबी को भरपाई नहीं करती है, तो बैंक दिवालिया हो सकता है। हालांकि यह एक पब्लिक सेक्टर बैंक है, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार के पास है। बैंक डूबेगी या नहीं, इसकी संभावना बहुत नगण्य है क्योंकि बैंक का मालिकाना हक सरकार के पास है और सरकार ने लोगों का आश्वस्त किया है। बैंक का भी बयान आया है कि हालात नियंत्रण में है।