फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे MSME की समस्या दूर करेंगी निर्मला सीतारमण, निजी क्षेत्र के बैंकों को दिया निर्देश

Tue, 16 Jun 2020 10:09 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
विज्ञापन
निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI
विज्ञापन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निजी क्षेत्र के 20 बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की और उनसे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए तीन लाख करोड़ रुपये के आपात कर्ज सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। 

विज्ञापन


बैठक में NBFC के सीईओ भी शामिल
कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन से एमएसएमई क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ा है। ईसीएलजीएस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के सीईओ भी शामिल हुए। 

वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर लिखा है कि ईसीएलजीएस के प्रभावी क्रियान्वयन और कठिन समय में घरेलू एमसएमई क्षेत्र को सुचारू नकदी उपलब्ध कराने के लिए वित्त मंत्री की अध्यक्षता में प्रमुख निजी बैंकों और एनबीएफसी की बैठक हुई। बैठक में वित्तीय सेवा सचिव देबाशीष पांडा भी मौजूद थे। वित्तीय सेवा विभाग ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'एमएसएमई के लिए ईसीएलजीएस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव और सिडबी के साथ निजी क्षेत्र के 20 बैंकों और एनबीएफसी के प्रमुखों के साथ बैठक की।' 
विज्ञापन


11 जून तक 29,490.80 करोड़ कर्ज को मंजूरी
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने आपात कर्ज सुविधा गारंटी योजना के तहत 11 जून तक 29,490.80 करोड़ रुपये कर्ज को मंजूरी दी। इसमें से 14,690.84 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। पिछले महीने घोषित 21 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में एमएसएमई एवं छोटे उद्योगों के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी की आपात ऋण सुविधा की घोषणा की गई। मंत्रिमंडल ने 21 मई को ईसीएलजीएस के तहत एमएसएमई क्षेत्र को 9.25 फीसदी रियायती दर तीन लाख करोड़ रुपये की कर्ज सुविधा को मंजूरी दी थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें