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नए साल में आपको देखने को मिलेंगे ये 5 बदलाव

Mon, 02 Jan 2017 01:29 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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नए साल का आगाज होने ही वाला है और आपके जीवन में कुछ बदलाव भी लेकर आ रहा है। जहां आप एटीएम से 4500 रुपए निकाल सकेंगे। वहीं भीम ऐप का इस्तेमाल पर ट्रांजेक्‍शन बिना इंटरनेट कर सकेंगे। आइए डालते हैं ऐसे ही कुछ बदलाव पर नजर।
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1 जनवरी से ATM निकालेगा 4500 रुपए

पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को जमा करने की आखिरी तारीख खत्म होने के साथ ही आरबीआई ने कैश निकासी की सीमा 2500 रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दी है। अब 1 जनवरी से एटीएम से हर दिन 4500 रुपये निकाले जा सकेंगे। हालांकि साप्ताहिक निकासी की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

रेलवे के सीजनल टिकट व रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग पर मिलेगी छूट

भारतीय रेल - फोटो : PTI
भारतीय रेलवे ने अपनी कैसलेश सुविधा का विस्तार किया है। मुसाफिरों को एक जनवरी से यह सुविधा मिलने लगेगी। मंत्रालय ने तय किया है कि अब यात्री टिकट सुविधा केंद्रों पर प्वाइंट टू सेल मशीन लगाई जाएगी। यहां क्रेडिट व डेबिट कार्ड से आरक्षित व अनारक्षित टिकट ले सकेंगे।

वहीं, ऑनलाइल लेन-देन के दूसरे तरीकों को भी इस केंद्र पर बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा पर भी ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा मिलेगी। दूसरी तरफ मंत्रालय ने फैसला किया है कि रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग कराने वालों को 5 फीसदी की छूट मिलेगी।

साथ ही डेबिट/क्रेडिट कार्ड के जरिए सीजनल टिकट लेने वाले मुसाफिरों को भी बेस फेयर पर 0.5 फीसदी की छूट मिलेगी। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि रेल प्रशासन ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह का कदम उठाया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा मुसाफिर ऑनलाइन तरीके से भुगतान कर छूट का लाभ उठाएंगे। 

आपका अंगूठा आपका बैंक बनेगा: मोदी 

भीम एेप
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि दो सप्ताह के अंदर वित्तीय ट्रांजेक्शन की एक ऐसी प्रणाली जारी की जाएगी जिसमें किसी व्यक्ति का अंगूठा ही उसकी पहचान होगी। इस अवसर पर उन्होंने एक नया मोबाइल ऐप भीम लांच किया और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाले कुछ ग्राहकों को पुरस्कार भी दिया।

डिजीधन योजना के लकी ड्रॉ निकालने के अवसर पर मोदी ने कहा कि पहले अनपढ़ लोगों को अंगूठा छाप बोला जाता था। अब आपका अंगूठा आपका बैंक, आपकी पहचान, आपका कारोबार बनेगा।

इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक मोबाइल ऐप भीम जारी किया जो बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी चलेगा। उन्होंने बताया कि यह ऐप स्मार्ट फोन के साथ साथ फीचर फोन -पुराने 2जी फोन- पर भी चलेगा। इससे अर्थव्यवस्था को कैशलेस करने में मदद मिलेगी। 

अब केवल आरबीआई में जमा होंगे पुराने नोट 

आरबीआई - फोटो : Getty
सरकार द्वारा 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने के बाद बैंकों में जमा कराने का शुक्रवार तक अंतिम दिन रखा था।

सरकार का मानना है कि अधिकतर लोगों ने अपने पुराने नोट जमा करा दिये हैं, इसलिए अंतिम दिन बैंकों में भीड़-भाड़ नहीं होगी।

हालांकि इसके बाद भी 31 मार्च तक आरबीआई के निर्धारित काउंटरों पर उचित कारण बताकर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि बैंक 10 नवंबर से पुराने नोट जमा कर रहे थे।

पूर्वोत्तर को नये साल में मिलेगी अलग मौसम परियोजना

केंद्र सरकार नये साल में एक नई मौसम संबंधी परियोजना शुरू करने वाली है जो पूर्वोत्तर भारत के लिए समर्पित होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने बताया कि क्षेत्र की विविधता एवं जरूरतों के मद्देनजर मौसम संबंधी एक अलग सेवा की आवश्यकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने इस परियोजना की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत क्षेत्र में 14 डॉप्लर रडार तैयार किये जाएंगे तथा 270 सर्फेस ऑब्जर्वेटरी और आठ माइक्रोवेव रेडियोमीटर्स भी बनाये जाएंगे। अभी क्षेत्र में महज दो डॉप्लर रडार हैं। इसके अलावा सर्फेस ऑब्जर्वेशन के लिए 19 हेलीकॉप्टर भी तैनात किये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में शेष देश की तुलना में काफी कम रेडियोसोंड और रेडियोविंड ऑब्जर्वेटरीज हैं। पहले इस परियोजना को पूर्वोत्तर क्षेत्र विभाग से राशि मिलने वाली थी पर पिछले चार साल में भी नहीं मिलने के बाद पृथ्वी विज्ञान विभाग ने 194 करोड़ रुपये की इस परियोजना को शुरू करने का निर्णय लिया।
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जानिए क्या है GST, इससे क्या होगा फायदा

जीएसटी
वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) एक वैट है, जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। मौजूदा दौर में वैट सिर्फ वस्तुओं पर लागू होता है। जीएसटी दो स्तरों पर लगेगा। एक केंद्रीय जीएसटी होगा, जबकि दूसरा राज्य का। इससे पूरा देश एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर जीएसटी में समाहित हो जाएंगे।

केंद्र के स्तर पर यह केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और अतिरिक्त सीमा शुल्क और राज्य स्तर पर वैट, मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स और बिजली शुल्क को समाहित कर लगेगा। केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) खत्म हो जाएगा। प्रवेश शुल्क और चुंगी भी खत्म हो जाएगी।

अलग-अलग टैक्स की बजाय एक टैक्स लगने की वजह से चीजों के दाम घटेंगे और आम उपभोक्ताओं को फायदा होगा। सरकार की टैक्स वसूली की लागत भी घट जाएगी। जीएसटी दर का खुलासा नहीं हुआ है। ज्यादातर देशों में यह 14 से 16 फीसदी तक है।
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