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बैंकों के विलय से नौकरियों पर संकट नहीं, जेटली ने दिया कर्मचारियों को भरोसा

Fri, 04 Jan 2019 05:40 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • -वित्त मंत्री ने बैंक कर्मियों की नौकरी जाने की आशंका पर स्पष्ट की स्थिति
  • -कहा, नई इकाई एसबीआई की तरह और ज्यादा मजबूत व बड़ी होगी 
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- फोटो : PTI
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विस्तार
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि तीन सरकारी बैंकों के विलय से कर्मचारियों की नौकरियों पर कोई संकट नहीं आएगा और तीनों बैंकों किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। कैबिनेट ने पिछले दिनों विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय को मंजूरी दे दी थी।

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विलय के बाद नौकरियों पर आने वाले संकट की आशंका दूर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस कदम से किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर कोई संकट नहीं आएगा, बल्कि नई इकाई एसबीआई की तरह और ज्यादा मजबूत व बड़ी हो जाएगी।

नए बैंक का कर्ज देने का खर्च भी और सस्ता हो जाएगा। 21 सरकारी बैंकों में से 11 को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के तहत आरबीआई की निगरानी में रखा गया है। इन बैंकों पर एनपीए का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया था। 
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जेटली ने कहा कि एनपीए का प्रतिशत अब कम हो रहा है और दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) की मदद से करीब 3 लाख करोड़ वापस सिस्टम में आए हैं। एसबीआई सहित अन्य सरकारी बैंकों ने अब लाभ कमाना भी शुरू कर दिया है।

बीमार बैंकों की आर्थिक मदद के लिए वित्त वर्ष 2018-19 तक 65 हजार करोड़ रुपये पुनर्पूंजीकरण के जरिये बैंकों को देने की तैयारी है। इसके अलावा 51 हजार करोड़ रुपये 31 दिसंबर, 2018 तक इन बैंकों में डाले जा चुके हैं। 

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