कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। भारत में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर भारत में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। कई लोगों के मन में सवाल है कि ऐसे में उनके बैंकिंग कार्य का क्या होगा।
निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर दी जानकारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा है कि सभी बैंक यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि उनकी शाखाएं खुली रहें और एटीएम में पैसे हों और एटीएम ठीक ढंग से काम करें। इसके साथ ही उन्होंने बैंक कर्मियों के प्रयासों की सराहना भी की। आगे वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है और जरूरत के आधार पर सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इससे पहले वित्त मंत्री ने शनिवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ विस्तृत चर्चा की थी। बैंकों के प्रमुखों ने उन्हें आश्वस्त किया था कि ग्राहकों को बिना किसी बाधा के बैंकिंग सेवाएं मिलती रहेंगी और बैंकों की सभी शाखाएं खुलेंगी।
भारी मात्रा में बैंकों से पैसे निकाल रहे हैं लोग
बता दें कि आपात स्थिति की आशंका में लोग बैंकों से भारी मात्रा में पैसों की निकासी कर रहे हैं। 13 मार्च को खत्म हुए पखवाड़े में जमाकर्ताओं ने बैंकों से 53,000 करोड़ रुपये की नकदी निकाली है। नकद निकासी का यह आंकड़ा पिछले 16 महीने में सबसे अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, जमाकर्ताओं द्वारा इतनी बड़ी निकासी सिर्फ त्योहारों या चुनाव में ही होती है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसने पिछले 15 दिन में इतना कैश जारी किया है। 13 मार्च तक लोगों के पास कुल 23 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा थी।
आरबीआई गवर्नर ने की अपील
रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने जमाकर्ताओं की चिंताएं दूर करते हुए कहा कि देश का बैंकिंग तंत्र पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है। शेयर बाजार में गिरावट से बैंकों के शेयरों में आई कमी का उनकी वित्तीय प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जमाकर्ताओं से यह भी आग्रह किया कि वे घबराकर बैंकों से पैसे नहीं निकालें। सरकारी और निजी दोनों ही बैंकों में जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।