हर माध्यम से करें संपर्क
बीमा कंपनियों को अपने ग्राहकों के साथ हर माध्यम से संपर्क करना होगा। इरडा ने कहा कि लाइफ, हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस के मामले में बीमा कंपनियां ग्राहकों को पत्र, ई-मेल, एसएमएस सहित सभी संपर्क माध्यमों से जानकारी उपलब्ध कराएंगी।
स्वास्थ्य बीमा के मामले में आईडी सहित अन्य जानकारी या तो टीपीए उपलब्ध कराए अथवा बीमा कंपनियों को ही जिम्मेदारी लेनी होगी। उनका काम उपभोक्ताओं को जागरूक करना भी होगा।
क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल
नियामक ने कहा कि कंपनियों को बीमा पॉलिसी में सामान्य और आसानी से पढ़ने व समझने वाली भाषा का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर हिंदी या अंग्रेजी के बजाए बीमाधारक की क्षेत्रीय और स्थानीय भाषा का भी इस्तेमाल करना पड़ेगा। कंपनियों को ये सभी सुधार अगले ढाई महीने में लागू करने होंगे।