डिजिटल इंडिया अभियान के बाद देश में
मोबाइल वॉलेट और
इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग तेजी से बढ़ा है, लेकिन उपभोक्ताओं में जानकारी का अभाव और छोटी-छोटी चूक से धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसी ही चूक हम सभी इंटरनेट बैंकिंग सुविधा एक्टिवेट करते समय सुरक्षा प्रश्नों के चयन में करते हैं। इस दौरान हमसे तीन से पांच सुरक्षा प्रश्न पूछे जाते हैं।
अमूमन ऐसे सुरक्षा प्रश्नों का चयन करते हैं, जो हमें आसानी से याद रहें। जैसे हमने किस स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की, माता या पिता का मिडिल नाम, पालतू जानवर का नाम या आपके पास कौन सी गाड़ी है आदि। इन सुरक्षा प्रश्न के जवाब इतने सामान्य होते हैं कि हैकर आसानी से आपके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या आपको थोड़ा बहुत जानने वाले भी आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं। इससे आपके इंटरनेट बैंकिंग में सेंध लग सकती है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
आपकी पहचान साबित करने के लिए बैंक करते हैं प्रयोग
इंटरनेट बैंकिंग में सुरक्षा प्रश्न का प्रयोग आपकी पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता है। मसलन अगर आप किसी नए डिवाइस से अपना इंटरनेट बैंकिंग लॉगइन कर रहे हैं तो आपसे सुरक्षा प्रश्न पूछा जा सकता है। इसके अलावा अगर आप किसी विषम समय पर या दूसरे शहर से इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग कर रहे हैं तो भी सुरक्षा प्रश्न पूछे जा सकते हैं। कुछ बैंक इंटरनेट बैंकिंग के जरिये होने वाली ट्रांजक्शन के दौरान भी सुरक्षा प्रश्न का जवाब मांगते हैं।
सुरक्षा प्रश्न खुद रीसेट करना ज्यादा सुरक्षित
साइबर क्राइम विशेषज्ञ अनुज अग्रवाल के अनुसार बैंक की तरफ से जो सुरक्षा प्रश्न पूछे जाते हैं वह सभी उपभोक्ताओं के लिए एक जैसे होते हैं। बैंक उपभोक्ताओं की सुविधा के अनुसार ऐसे प्रश्न पूछते हैं, जिनका जवाब लोग आसानी से याद रख सकें। कुछ बैंक सुरक्षा प्रश्न रीसेट करने का भी विकल्प देते हैं। इसमें आप खुद अपना कोई सुरक्षा प्रश्न तैयार कर उसका वो जवाब लिख सकते हैं, जो न तो आपके सोशल मीडिया पर मौजूद हो और न ही जिसका जवाब किसी और को पता हो। सुरक्षा प्रश्न रीसेट करना ज्यादा कारगर विकल्प है।
सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा प्रयोग खतरनाक
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा प्रयोग करना बड़ा खतरा साबित हो सकता है। आपको सोशल मीडिया पर केवल उतनी ही जानकारी डालनी चाहिए जिससे आपकी सुरक्षा को खतरा पैदा न हो। मसलन घर का पूरा पता न डालें, आप कहीं बाहर जा रहे हैं तो उसकी जानकारी न डालें, अपनी पूरी जन्म तिथि और मोबाइल नंबर आदि न डालें। इसके विपरीत बहुत से सोशल मीडिया यूजर अपना ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आधार नंबर या पैन कार्ड नंबर तक अपलोड कर देते हैं। ऐसे लोग हैकर का आसान शिकार होते हैं।