इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ग्राहकों को अक्टूबर से रिजर्व बैंक के रेपो दर से जुड़े ब्याज पर कर्ज देगा। आईओबी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि बैंक एक अक्टूबर से खुदरा कर्ज के तहत आवास, वाहन, शिक्षा कर्ज रेपो से संबद्ध ब्याज दर (आरएलएलआर) पर देगा।
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा था कि एक अक्तूबर से सभी तरह के पर्सनल, होम व अन्य तरह के रिटेल लोन और छोटे कारोबारियों को मिलने वाले लोन की दर एक्सटर्नल बेंचमार्क के तहत की जाएगी। हालांकि पहले से चल रहे पुराने लोन जिनका ब्याज एमसीएलआर, बेस रेट या फिर बीपीएलआर से जुड़े हैं, वो बाद में जुड़ सकेंगे। बैंक कोई भी तरह का बेंचमार्क चुनने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
आरबीआई ने चार तरह के बेंचमार्क तय किए हैं। पहला, आरबीआई रेपो रेट है। दूसरा, केंद सरकार की तीन साल की ट्रेजरी बिल यील्ड है। तीसरा, केंद्र सरकार द्वारा छह महीने की ट्रेजरी बिल है और चौथा एफबीआईएल द्वारा कोई अन्य बेंचमार्क रेट।