फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीडियोकॉन के कर्ज पर ICICI बैंक कोचर के साथ, RBI द्वारा जुर्माना लगाने पर दी सफाई

Fri, 30 Mar 2018 12:51 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
icici bank
विज्ञापन
आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा ने वीडियोकॉन को दिए गए कर्ज के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को कहा कि बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर द्वारा कथित तौर पर पक्षपात किए जाने संबंधी खबर बेबुनियाद है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी में कर्ज समिति के फैसले को प्रभावित कर पाने की क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि नूपावर रिन्यूएबल्स के किसी भी निवेशक ने आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज नहीं लिया है और जिस समिति ने वीडियोकॉन को कर्ज की सुविधा दी थी, उसकी अध्यक्षता कोचर ने नहीं की थी।

RBI द्वारा जुर्माने पर कहा गलती से नहीं दे पाए जानकारी
वहीं बैंक ने  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा गुरुवार को लगाए गए 58.9 करोड़ रुपये के जुर्माने पर भी सफाई दी है। बैंक ने कहा है कि वो गलती से आरबीआई को जानकारी नहीं दे पाया। बैंक आरबीआई की तरफ से जारी सभी नियमों का पालन करता है।
विज्ञापन


बैंक इसके बारे में 2017 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आरबीआई से साझा करेंगे। बैंक ने 5 फीसदी के ज्यादा एचटीएम सिक्योरिटी बेची है। हालांकि बैंक इस वक्त कोई अन्य डिसक्लोजर नहीं दे रहा है। 
विज्ञापन

इसलिए लगा था जुर्माना

chanda kochar
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने प्राइवेट सेक्टर के दूसरे सबसे बड़े बैंक ICICI पर 58.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि आईसीआईसीआई बैंक ने पहले से तय नियमों का पालन करने में अनदेखी की, जिसके बाद उसको यह कदम उठाना पड़ा। 

इसलिए उठाया कदम
केंद्रीय बैंक ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि बैंक ने अपने HTM पोर्टफोलियो की सिक्युरिटिज को बेचा था, लेकिन इसके बारे में जानकारी साझा नहीं की थी। केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 47ए(1)(सी) और सेक्शन 46(4)(आई) के तहत ऐसा किया है। 

20 बैंकों ने दिया था कर्ज
आईसीआईसीआई बैंक ने कहा है कि वीडियोकॉन को 20 बैंकों ने लोन दिया था। बैंक लोन देने वाले कंशोर्शियम का हिस्सा था, जिसमें उसका योगदान मात्र 10 फीसदी था। अन्य बैंकों ने जिन शर्तों पर वीडियोकॉन को लोन दिया था, उसी का पालन बैंक ने भी किया था। 

बैंक ने कहा है कि उसका लोन देने का सिस्टम मजबूत है। यह इस तरह से बनाया गया है कि कोई एक शख्स किसी कंपनी को कर्ज देने के बारे में फैसला नहीं कर सकता। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को लोन पास कराने की एवज में एक कंपनी में हिस्सेदारी दी गई थी।

विडियोकॉन ग्रुप के मालिक धूत ने दीपक कोचर के साथ मिलकर बराबर की पार्टनरशिप में दिसंबर 2008 में न्यूपावर नाम से एक कंपनी खोली थी। इसमें यह भी कहा गया था कि कोचर परिवार, चंदा कोचर के रिश्तेदार महेश आडवाणी और नीलम आडवाणी संदेहास्पद बिजनेस ट्रांजेक्शन की मदद से धूत परिवार की ओर से स्थापित कंपनी न्यूपावर के मालिक बन गए थे। गुप्ता का कहना था कि लोन के बदले कंपनी का मालिकाना हक कोचर परिवार को ट्रांसफर किया गया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें