फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीडियोकॉन को ICICI बैंक से मिला 3250 करोड़ का लोन, कोचर को बोर्ड से मिली क्लीन चिट

Thu, 29 Mar 2018 10:16 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
chanda kochar
विज्ञापन
प्राइवेट सेक्टर के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई की सीईओ और एमडी चंदा कोचर पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ बैंक का बोर्ड खुलकर उनके समर्थन में आ गया है।   कोचर के पति पर वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत को 3250 करोड़ का लोन देने के मामले में लाभ लेने का आरोप लगा था। धूत लोन की रकम न चुकाने के बाद बैंकों द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए जा चुके हैं। 
विज्ञापन


बैंक ने जारी किया बयान
आईसीआईसीआई बैंक ने बयान जारी करते हुए कहा, 'बोर्ड को बैंक के एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर पूरा भरोसा है। तथ्यों को देखने के बाद बोर्ड इस नतीजे पर पहुंचा है कि भाई-भतीजावाद और हितों के टकराव सहित करप्शन की जो अफवाहें चल रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।'

20 बैंकों ने दिया था कर्ज
आईसीआईसीआई बैंक ने कहा है कि वीडियोकॉन को 20 बैंकों ने लोन दिया था। बैंक लोन देने वाले कंशोर्शियम का हिस्सा था, जिसमें उसका योगदान मात्र 10 फीसदी था। अन्य बैंकों ने जिन शर्तों पर वीडियोकॉन को लोन दिया था, उसी का पालन बैंक ने भी किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

एक शख्स नहीं दे सकता किसी को लोन

icici bank
बैंक ने कहा है कि उसका लोन देने का सिस्टम मजबूत है। यह इस तरह से बनाया गया है कि कोई एक शख्स किसी कंपनी को कर्ज देने के बारे में फैसला नहीं कर सकता। 

यह है आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को लोन पास कराने की एवज में एक कंपनी में हिस्सेदारी दी गई थी। विडियोकॉन ग्रुप के मालिक धूत ने दीपक कोचर के साथ मिलकर बराबर की पार्टनरशिप में दिसंबर 2008 में न्यूपावर नाम से एक कंपनी खोली थी।

इसमें यह भी कहा गया था कि कोचर परिवार, चंदा कोचर के रिश्तेदार महेश आडवाणी और नीलम आडवाणी संदेहास्पद बिजनेस ट्रांजेक्शन की मदद से धूत परिवार की ओर से स्थापित कंपनी न्यूपावर के मालिक बन गए थे। गुप्ता का कहना था कि लोन के बदले कंपनी का मालिकाना हक कोचर परिवार को ट्रांसफर किया गया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें