जीवन बीमा पॉलिसी में पत्नी या बच्चों को नॉमिनी बनाने के बाद भरोसा हो जाता है कि अनहोनी पर बीमा का पैसा परिवार को मिल जाएगा। लेकिन, आपने कर्ज लिया है तो बीमा राशि पर पहले कर्जदाता का हक होगा। ऐसे में विवाहित महिला संपत्ति कानून किस तरह अधिकारों की रक्षा करेगा, पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
सिर्फ नॉमिनी बनाने से नहीं मिल जाता है पैसा
बैंकबाजार की मुख्य उत्पाद अधिकारी रति शेट्टी का कहना है कि पति की संपत्ति पर विवाद या कर्जदाताओं के बोझ से महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा दिलाने के लिए ही विवाहित महिला संपत्ति कानून (एमडब्ल्यूपीए) बनाया गया है।
अगर इस कानून की धारा-6 के तहत बीमा पॉलिसी खरीदी जाए, तो बीमाधारक की मृत्यु के बाद मिलने वाली राशि पर सिर्फ बेनिफिशियल नॉमिनी का हक होगा। अमूमन लोग पॉलिसी में सिर्फ नॉमिनी बनाकर निश्चिंत हो जाते हैं।
ऐसे में बीमाधारक ने कोई पर्सनल या होम लोन ले रखा है तो बीमा राशि पर पहला अधिकार कर्जदाताओं का हो जाएगा। एमडब्ल्यूपीए के तहत पत्नी या बच्चों को बेनिफिशियल नॉमिनी बनाने का विकल्प मिलता है। इस कानून में पॉलिसी को ट्रस्ट मान लिया जाता है और लाभार्थी पत्नी या बच्चे उसके ट्रस्टी होते हैं।
महिलाओं के लिए 10 बेहतर निवेश विकल्प
- ज्यादातर बीमारियों और खर्च को कवर करने वाली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी।
- लिक्विड फंड, जो आपात स्थिति में नकदी की जरूरत पूरी कर सके।
- बैंक एफडी की बजाए डेट म्युचुअल फंड में पैसे लगाना ज्यादा बेहतर।
- पीपीएफ में लंबी अवधि का निवेश, जहां परिपक्वता पर कोई टैक्स नहीं लगता।
- थोड़ा जोखिम उठाकर कॉरपोरेट बॉन्ड या एनसीडी में पैसे लगाना चाहिए।
- सोने की जगह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश सही रहेगा, जिसमें 2.5% का ब्याज भी मिलेगा।
- जोखिम लेने की क्षमता है तो इक्विटी म्युचुअल फंड अन्य विकल्पों से ज्यादा रिटर्न देगा।
- इक्विटी की समझ बेहतर होने पर वायदा बाजार में भी सौदा करें। यहां बंपर मुनाफा मिल सकता है।
- विदेशी बाजारों में पैसे लगाकर विकल्प और मुनाफा दोनों बढ़ा सकते हैं।
- रिटायरमेंट फंड के लिए एनपीएस में कुछ राशि का निवेश जरूर करें। यहां पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न मिला है।
इन बातों का रखें ध्यान
- इस तरह की पॉलिसी को सरेंडर नहीं किया जा सकता है।
- इस पॉलिसी पर बीमाधारक कर्ज भी नहीं ले सकता है।
- पहले से चल रही पॉलिसी को इसके दायरे में नहीं ला सकते हैं।
- एक बार बेनिफिशियल नॉमिनी बनाने के बाद बीमाधारक बदलाव नहीं कर सकता है।
- कोरोबारी नौकरीपेशा दोनों ही इस कानून के तहत ले सकते हैं बीम उत्पाद।
- एमडब्ल्यूपीए में एक से अधिक बीमी पॉलिसी खरीद सकते हैं।
जोखिम वाले निवेश विकल्पों में भी बढ़ रही हिस्सेदारी
महिला निवेशकों के पास जोखिम उठाने के ज्यादा मौके होते हैं। 18-25 साल की 60 फीसदी महिलाएं बिना झिझक के जोखिम वाले विकल्पों में पैसे लगाते हैं। 77 महिलाएं म्युचुअल फंड को जबकि 61 फीसदी शेयर बाजार को पसंदीदा विकल्प मानती हैं। सुरक्षित माने जाने वाले एफडी में 31 फीसदी और पीपीएफ में 20 फीसदी ही पैसा लगाती है।- ललित केशरे, सीईओ, निवेश प्लेटफॉर्म