सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) से आम जनता को बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने सरकारी नहीं, बल्कि निजी बैंक एचडीएफसी को चुना है। सीएससी के जरिये सेवाएं देने को लेकर आगामी बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद उसके साथ करार करने जा रहे हैं। इसके बाद पूरे देश में स्थित सीएससी और डिजीगांव बनाने के लिए चिन्हित 1,000 गांवों में सरकारी तंत्र के जरिये बैंकिंग सेवाएं देने में यह निजी बैंक सहायता करेगा।
बुधवार को होंगे करार पर दस्तखत
आईटी मंत्रालय के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक के साथ 4 जून को सीएचसी में बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने के लिए करार किया जाएगा। यह बैंक सीएससी केंद्रों में बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के जरिये लोगों को सेवाएं देने में सहायता करेगा। इसके अलावा, डिजिटल गांव स्थापित करने में भी भूमिका निभाएगा। आईटी मंत्रालय के मुताबिक, यह निजी बैंक सैनेटरी पैड निर्माण करने वाली इकाइयां स्थापित करने में सहायता करेगा।
इसलिए चुना एचडीएफसी बैंक
बैंकिंग विशेषज्ञ रवि सिंह के मुताबिक, शायद निजी बैंक की सेवाएं ज्यादा बेहतर हैं, इसी वजह से आईटी मंत्रालय की ओर से एचडीएफसी को चुना गया है। उल्लेखनीय है कि सीएससी योजना डिजिटल इंडिया अभियान का एक हिस्सा है।
सरकार ने इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय, सामाजिक और निजी क्षेत्र की सेवाएं मुहैया कराने की योजना बनाई है। इसमें बैंकिंग के अलावा कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन, एफएमसीजी उत्पाद, बीमा, पेंशन और डिजिटल भुगतान शामिल है। इसके अलावा, सीएससी ग्रामीण स्तर के उद्यमियों की सहायता भी करेगा।