एचडीएफसी बैंक का प्रदर्शन मार्च में समाप्त तिमाही के दौरान निजी क्षेत्र के बैंकों को लेकर बनी आम धारणा के उलट रहा है। जहां एक तरफ निजी क्षेत्र के बैंकों की जमा राशि में गिरावट का रुझान देखा जा रहा है, वहीं एचडीएफसी बैंक की मार्च में समाप्त तिमाही के दौरान सकल जमा राशि में 7.41 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
7.41 फीसदी बढ़ी कुल जमा पूंजी
एचडीएफसी बैंक ने कहा है कि मार्च में समाप्त तिमाही के दौरान उसकी कुल जमा पूंजी इससे पिछली तिमाही के मुकाबले 7.41 फीसदी बढ़कर 11.46 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई जो कि एक साल पहले 31 मार्च की जमा राशि के मुकाबले 24 फीसदी अधिक है। निजी क्षेत्र के इससे बड़े बैंक ने कहा है कि 31 मार्च 2020 को समाप्ति तिमाही में उसकी कर्ज राशि भी करीब 21 फीसदी बढ़कर 9.93 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
दिसंबर 2019 अंत के मुकाबले इसमें 6 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। बैंक ने शुक्रवार देर शाम शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा है कि उसने अपनी मूल आवासीय कर्ज देने वाली कंपनी एचडीएफसी से 5,479 करोड़ रुपये का कर्ज खरीदा है।
पिछले दिनों निजी क्षेत्र के बैंकों को लेकर शंका बढ़ी है। यस बैंक के संकट में फंसने और उसे सरकार और रिजर्व बैंक द्वारा सहारा दिए जाने के बाद से शुरू हुई यह शंका बाद में निजी क्षेत्र के अन्य बैंकों आरबीएल बैंक और इंडसइंड बैंक तक जा पहुंची। इन बैंकों ने अपने जमा आधार में कमी आने की बात कही।
इनमें से कई बैंकों ने उनके जमा आधार में गिरावट के लिए राज्य सरकारों द्वारा राशि निकाले जाने को बताया। महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर अपने सभी निकायों को निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ जमा पूंजी रखने के प्रति आगाह किया। हालांकि, रिजर्व बैंक ने राज्य सरकारों से ऐसा नहीं करने को कहा। बहरहाल एचडीएफसी बैंक ने निजी क्षेत्र के बैंकों के बारे में आम रुझान के उलट बेहतर जमा एवं कर्ज वृद्धि के संकेत दिये हैं।