अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार छोटे उद्योगों के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के बैंक ऋण की गारंटी देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन से सबसे अधिक छोटे उद्योग प्रभावित हुए हैं।
इसमें भी सबसे ज्यादा असर खनन, निर्माण, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र पर पड़ा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार के आर्थिक राहत एजेंडे को लेकर सभी क्षेत्रों की जरूरत का आकलन किया जा रहा है। इसी के हिसाब से राहत देने की घोषणा की जाएगी।
इस प्रस्ताव के तहत छोटे उद्योगों को उनके कर्ज लेने की क्षमता का 20 फीसदी तक कर्ज मिल सकता है। हालांकि, राहत पैकेज की घोषणा से पहले विस्तार से चर्चा की जरूरत है। इससे पहले सरकार अब तक 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी।